झंडूता में तेज तूफान से पशु चिकित्सालय के भवन पर गिरा पेड़।
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स्वारघाट (बिलासपुर)। उपमंडल स्वारघाट में मंगलवार देर रात तूफान ने काफी तबाही मचाई। कई मकानों की छतें उड़ गई तो कई जगह बड़े-बड़े पेड़ टूटकर रिहायशी मकानों पर गिर गए। कुटैहला पंचायत के गांव धार-भरथा, मतनोह, कुटैहला गांवों में कई ग्रामीणों के मकानों की छतें उड़ गईं। गनीमत यह रही कि कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
नेशनल हाईवे चंडीगढ़-मनाली सहित कई संपर्क सड़कों पर पेड़ गिर गए। कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रही। तूफान से कुटैहला गांव में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। वहीं नेशनल हाईवे चंडीगढ़-मनाली के किनारे बने अशोक कुमार पुत्र जोगिंद्र सिंह के रिहायशी मकान पर चीड़ का बड़ा पेड़ गिर गया। इससे मकान को काफी नुकसान हुआ है। बुधवार को कुटैहला पंचायत के उपप्रधान, हलका पटवारी दभेटा और वन विभाग की टीम मौके पर गई और नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की। पेड़ को मकान की छत से हटा दिया गया है। वहीं धारभरथा गांव में प्रेम लाल पुत्र कांशी राम, भगत राम पुत्र निक्कू राम, गांव मतनोह में देवेंद्र कुमार पुत्र संतराम, भुवाई गांव के जसवीर सिंह पुत्र कर्म सिंह आदि सहित कई ग्रामीणों के मकानों की छतें उड़ने का समाचार प्राप्त हुआ है।
उपमंडल के जंगलों में भी चीड़ के दर्जनों पेड़ टूट गए हैं या जड़ समेत उखड़ गए हैं। कोरोना के चलते पहले ही लोगों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, अब प्रकृति की मार भी लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रही है।
स्वारघाट में तूफ़ान के कारण घर की छत पर पेड़ गिरने से टूटी छत।- फोटो : BILASPUR