कोटधार की 14 दर्जन पंचायतों को मिलेगी पानी की समस्या से राहत
लंबे इंतजार के बाद योजना को बिजली कनेक्शन का रास्ता साफ
37 करोड़ से अधिक खर्च से 96 फीसदी कार्य पहले ही पूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। कोटधार क्षेत्र की हजारों की आबादी के लिए राहत की खबर है। वर्षों से अधर में लटकी करोड़ों रुपये की कुटबांगड़ पेयजल योजना को आखिरकार वन विभाग की मंजूरी मिल गई है। इससे अब योजना को बिजली कनेक्शन मिलने का रास्ता भी साफ हो गया है। बिजली कनेक्शन न होने के कारण यह योजना चालू नहीं हो पा रही थी।
कुटबांगड़ पेयजल योजना को 22 अक्तूबर 2019 को स्वीकृति मिली थी। इस योजना पर अब तक 37 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है और 96 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। वन विभाग की मंजूरी के अभाव में इस पर बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पा रहा था, जिससे योजना शुरू नहीं हो सकी। 10 मार्च 2021 को एफसीए का मामला डीएफओ बिलासपुर को भेजा गया था। इसके बाद करीब ढाई वर्ष तक दस्तावेजी त्रुटियों और तकनीकी खामियों के कारण मामला कई बार वापस लौटा और दोबारा भेजा जाता रहा। 26 अक्तूबर 2024 को जब सभी त्रुटियों को दूर कर केस ऑनलाइन सबमिट किया गया, तो 29 अक्तूबर को यह मामला शिमला स्थित एफसीए नोडल अधिकारी के माध्यम से डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ फॉरेस्ट को भेजा गया। अब जाकर यह मंजूरी मिल पाई है।
वन विभाग की स्वीकृति मिलते ही जल शक्ति विभाग बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया में जुट गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि कुछ ही सप्ताहों में योजना का उद्घाटन होगा। इस योजना के चालू होने से कोटधार क्षेत्र की 14 दर्जन से अधिक पंचायतों को सीधा लाभ मिलेगा, जहां वर्ष से पेयजल संकट बना हुआ था।
इनसेट
भाजपा ने बिना मंजूरी योजना शुरू की, कांग्रेस सरकार ने दिलाई राहत : विवेक कुमार
पूर्व भाजपा सरकार ने इस योजना को बिना वन विभाग की स्वीकृति के शुरू कर दिया था और करोड़ों रुपये खर्च कर दिए। इसी कारण यह योजना अब तक अधूरी रही। कांग्रेस सरकार बनने के बाद जल शक्ति विभाग ने मामले को उठाया और मुख्यमंत्री व उप मुख्यमंत्री स्तर पर प्रयास किए गए। अब प्रक्रिया पूरी करके मंजूरी दिलाई गई। भाजपा नेताओं ने जनता को गुमराह किया और कोटधार क्षेत्र की जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।
विवेक कुमार, महासचिव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी