चुनावी मुद्दा
मतदाता उम्मीदवारों से पूछ रहे हैं कि आखिर कब मिलेगी उप तहसील की सुविधा
2022 में खुला था उप तहसील कार्यालय, फिर शुरू होने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई। नगर निकाय चुनाव के बीच शाहतलाई में उप तहसील का मुद्दा एक बार फिर गरमाने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से क्षेत्रवासी राजस्व संबंधी कार्यों के लिए झंडूता के चक्कर काटने को मजबूर हैं। चुनावी सभाओं और नुक्कड़ बैठकों में भी यह मुद्दा प्रमुखता से उठ रहा है। मतदाता उम्मीदवारों से पूछ रहे हैं कि आखिर शाहतलाई को स्थायी रूप से उप तहसील की सुविधा कब मिलेगी।
स्थानीय लोगों के अनुसार शाहतलाई और आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को इंतकाल, प्रमाण पत्र, जमाबंदी, आय, जाति और हिमाचली प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कार्यों के लिए झंडूता जाना पड़ता है। कई बार एक छोटे से काम के लिए पूरा दिन खराब हो जाता है। बुजुर्गों, महिलाओं और दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। वर्ष 2022 में क्षेत्रवासियों की मांग को देखते हुए शाहतलाई में उप तहसील कार्यालय खोला गया था। लोगों को उम्मीद जगी थी कि अब राजस्व कार्य स्थानीय स्तर पर ही हो सकेंगे और उन्हें राहत मिलेगी। लेकिन कुछ समय बाद यह कार्यालय बंद हो गया। इसके बाद लोगों में निराशा फैल गई। क्षेत्र के लोग लगातार सरकार और प्रशासन से कार्यालय को दोबारा शुरू करने की मांग उठाते रहे हैं।
हालांकि कुछ समय पहले मुख्यमंत्री ने शाहतलाई में पुनः उप तहसील कार्यालय खोलने की घोषणा भी की थी, लेकिन अभी तक यह सुविधा धरातल पर शुरू नहीं हो पाई है। यही कारण है कि चुनावी माहौल में यह मुद्दा फिर से चर्चा का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल घोषणाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थायी व्यवस्था जरूरी है।
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विजय कुमार का कहना है कि हर छोटे-बड़े राजस्व कार्य के लिए झंडूता जाना पड़ता है। कई बार दस्तावेजों में कमी होने पर दोबारा जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। उनका कहना है कि यदि शाहतलाई में उप तहसील कार्यालय नियमित रूप से शुरू हो जाए तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
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शिव कुमार ने कहा कि चुनावों के दौरान हर बार नेताओं की ओर से उप तहसील का मुद्दा उठाया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार लोग केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहते हैं।
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राकेश कुमार का कहना है कि डिजिटल दौर में भी लोगों को साधारण कार्यों के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत करना चाहती है तो शाहतलाई में उप तहसील कार्यालय को जल्द स्थायी रूप से शुरू करना चाहिए।
चुनावी मुद्दा विजय कुमार
चुनावी मुद्दा विजय कुमार