श्री राम जैसा चरित्रवान व्यक्तित्व ही सभी समस्याओं का है हल : अनीता शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 98वें स्थापना दिवस पर जिले के विभिन्न स्थानों पर पथ संचलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आरएसएस के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने इस संचलन में भाग लिया।
बिलासपुर शहर, जुखाला और बरमाणा सहित अन्य स्थानों पर स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। बिलासपुर नगर के रौड़ा सेक्टर में आयोजित इस कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने पहले और शस्त्र पूजन किया। इसके बाद बैंड और बिगुल की धुनों पर शहर की सड़कों पर संचलन शुरू हुआ। संचलन रौड़ा सेक्टर, गुरुद्वारा चौक, कॉलेज चौक, चेतना चौक, गांधी मार्केट होते हुए फिर रौड़ा मैदान पहुंच कर ही समाप्त हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त जिला भाषा अधिकारी डाॅ. अनीता शर्मा ने की, जबकि आरएसएस के सह विभाग कार्यवाह नीरज मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। मुख्य वक्ता नीरज ने कहा कि कांग्रेस ने स्वाधीनता की लड़ाई में काम करते हुए डाॅ. केशव राव बलीराम हेडगेवार ने यह महसूस किया कि स्वतंत्रता तो अब मिलने ही वाली है, लेकिन यह देश पुन: गुलाम न हो इस दृष्टि से देशवासियों को एक मजबूत संगठन चाहिए। इसी के चलते वर्ष 1925 में नागपुर में विजयदशमी वाले दिन आरएसएस की स्थापना हुई। वर्तमान में विश्व के अनेक देशों में आरएसएस का कार्य चल रहा है। अकेले केन्या देश में संघ की 80 शाखाएं चल रही हैं। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. अनीता शर्मा ने कहा कि हिंदू जीवन दर्शन ही विश्व में शांति ला सकता है। भारत की संस्कृति ही पूरे विश्व को उन्नति का मार्ग दिखा सकती है। उन्होंने कहा कि श्री राम जैसा चरित्रवान व्यक्तित्व ही सभी समस्याओं का हल है। इस मौके पर कुलदीप चंदेल, आरएसएस पूर्व जिला संघ चालक इंद्र डोगरा, इंद्र ठाकुर, मनोज धीमान, सुदर्शन सांख्यान और रोशन ठाकुर मौजूद रहे।