शराब ठेका और अपंजीकृत प्रवासियों पर उठे सवाल
नियमित पुलिस गश्त और प्रवासियों के सत्यापन की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र घुमारवीं के अंतर्गत ग्राम पंचायत लुहारवीं में आये दिन शराबियों और नशेड़ियों के बीच हो रहे झगड़ों से स्थानीय ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। वीरवार देर रात दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।
घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए बिलासपुर स्थित अस्पताल में भर्ती करवाया गया। हालांकि अब स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समय-समय पर सामने आ रही हैं। सुनील कुमार, वेद प्रकाश, नरेश कुमार, प्यार सिंह, रूप सिंह, जमुना देवी, कमला देवी, निशा, राजेश, काकू और राजेंद्र ने बताया कि क्षेत्र में शराब का ठेका खुलने के बाद से देर शाम माहौल बदलने लगा है। उनका कहना है कि शाम ढलते ही कुछ लोग सड़कों और दुकानों के आसपास एकत्रित हो जाते हैं, जिससे कई बार कहासुनी और झगड़े की स्थिति बन जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में रह रहे कुछ अपंजीकृत प्रवासी भी शराब का सेवन कर आपस में लड़ते-झगड़ते और गाली-गलौज करते हैं, जिससे गांव का वातावरण प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार पहले गांव का माहौल शांत रहता था, लेकिन अब देर शाम के बाद बाहर निकलने में असहजता महसूस होती है। अभिभावकों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं का बच्चों और युवाओं पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले शराब के ठेके को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी दर्ज कराया गया था। उनका कहना है कि वे किसी के रोजगार के विरोध में नहीं हैं, लेकिन यदि ठेके के कारण बार-बार विवाद की स्थिति बन रही है तो प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि असामाजिक गतिविधियों पर रोक लग सके। इसके साथ ही क्षेत्र में रह रहे बाहरी लोगों के सत्यापन और पंजीकरण की प्रक्रिया को अनिवार्य करने की मांग भी उठाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से सभी प्रवासियों का रिकॉर्ड प्रशासन के पास होना चाहिए, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि शराब के ठेके की समीक्षा, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और प्रवासियों के अनिवार्य पंजीकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि क्षेत्र में फिर से शांत और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित हो सके।