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Bilaspur News: गाहर पंचायत में शराब ठेके के खिलाफ विरोध में उतरे ग्रामीण

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भराड़ी के गाहर में खुले शराब के ठेके का विरोध करते ग्रामीण। संवाद
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पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग भी समर्थन में उतरे, ठेके को हटाने की मांग
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तीन दिन में नहीं बंद हुआ ठेका तो ग्रामीण देंगे धरना, करेंगे चक्का जाम

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। दधोल-लदरौर सड़क पर गाहर पंचायत में खुले शराब के ठेके के खिलाफ शनिवार को ग्रामीण विरोध में उतरे आए। ग्रामीणों ने इस दौरान ठेके को खोलने के विरोध में जोरदार नारेबाजी की।
प्रशासन और आबकारी विभाग को चेताया है कि यदि तीन दिन के भीतर ठेका बंद नहीं हुआ, तो वे धरने पर बैठेंगे और जरूरत पड़ी तो चक्का जाम भी करेंगे। इस दौरान गांव की पंचायत प्रधान, बीडीसी सदस्य, पूर्व प्रधान, महिला मंडल की सदस्यों और अन्य गण्यमान्य ग्रामीण एकजुट दिखे। सभी ने ठेके के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर ठेका खोला गया है, वहां तीन पंचायतों की सीमाएं लगती हैं। पास में ही कई घर हैं जहां महिलाएं और बच्चे अकेले रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ठेके के खुलने से असामाजिक गतिविधियों की आशंका बढ़ गई है और महिलाओं को घर से निकलने में भी डर लग रहा है। इसके अलावा, ठेके के नजदीक तीन शिक्षण संस्थान हैं, जहां से स्कूली बच्चे रोज इसी मार्ग से गुजरते हैं। इससे बच्चों के मानसिक विकास और वातावरण पर गलत असर पड़ने की आशंका जताई गई है। कहा कि ठेका खुलने से गांवों में लड़ाई-झगड़े, सामाजिक कलह, युवाओं में नशे की प्रवृत्ति और अपराधों में बढ़ोतरी होगी। इसलिए ठेके को तुरंत बंद किया जाए।
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इस विरोध प्रदर्शन में पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार एक तरफ स्कूलों को बंद कर रही है और दूसरी ओर गांव-गांव में शराब के ठेके खोल रही है। यह व्यवस्था परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज विरोधी नीति है। सरकार के ऐसे फैसलों से प्रदेश में अराजकता की स्थिति पैदा हो रही है। ग्रामीण कस्बों में जब शराब की उपलब्धता बढ़ेगी, तो उसका दुरुपयोग भी उतना ही बढ़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस ठेके को बंद किया जाए, अन्यथा वह भी ग्रामीणों के साथ मिलकर धरने पर बैठेंगे और चक्का जाम कर आंदोलन शुरू करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि वे शांति से अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन अगर मांग नहीं मानी गई तो वे उग्र आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। पंचायत प्रतिनिधियों ने ठेके को हटाने के लिए सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर ज्ञापन के साथ उपायुक्त को भेजा।
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