तीन साल बाद भी काम अधूरा, सुरक्षा के अभाव में नशेड़ी काबिज
तहसील परिसर में बने उप कोषागार भवन पर 95 लाख हो चुके हैं खर्च
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं तहसील परिसर में निर्माणाधीन उप कोषागार कार्यालय भवन प्रशासनिक उदासीनता की तस्वीर बन गया है। वर्ष 2021-22 में शुरू हुआ यह भवन तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अधूरा पड़ा है। निर्माण कार्य रुकते ही यह भवन पहले शराबियों और अब चिट्टे का नशा करने वाले नशेड़ियों का अड्डा बन चुका है। भवन के भीतर फैली गंदगी, सीरिंज, टूटी शराब की बोतलें और फॉयल पेपर खुलेआम नशे की गतिविधियों की गवाही दे रहे हैं।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह भवन उपमंडलीय अधिकारी कार्यालय के ठीक सामने स्थित है। आसपास पशु चिकित्सालय, रोजगार कार्यालय, वेलफेयर ऑफिस और तहसील जैसे अहम सरकारी दफ्तर हैं, जहां रोजाना सैकड़ों लोग आते-जाते हैं। इसके बावजूद न तो सुरक्षा व्यवस्था है और न ही किसी तरह की निगरानी, जिससे कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस भवन पर अब तक करीब 95 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। बजट की कमी के चलते पिछले करीब दो वर्षों से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। कार्य बंद होते ही भवन की देखरेख भी बंद हो गई, न चौकीदार, न ताला-बंदी। नतीजतन शाम ढलते ही यहां नशेड़ियों का जमावड़ा लग जाता है, जिससे कर्मचारियों और आम लोगों में भय और असहजता का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक अधूरा भवन नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक की लापरवाही का प्रतीक है। घुमारवीं जैसे शांत शहर की छवि को इससे सीधा नुकसान पहुंच रहा है। लोगों ने मांग की है कि या तो निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर भवन को उपयोग में लाया जाए, या तब तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि नशेड़ियों का कब्जा खत्म हो सके।
कोट
सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग घुमारवीं अनुज पराशर ने बताया इस भवन के निर्माण के लिए जो बजट आया था, वह लगाया जा चुका है। अब थोड़ा-बहुत काम शेष है। जैसे ही बजट का प्रावधान होगा, निर्माण कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।