किसानों की आय बढ़ाने और वैश्विक बाजार तक पहुंच बनाने पर जोर
जिला निर्यात संवर्धन समिति की बैठक में निर्णय
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला मुख्यालय स्थित बचत भवन में मंगलवार को जिला निर्यात संवर्धन समिति (डीईपीसी) की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता सहायक आयुक्त राजकुमार ने की। बैठक में जिले की निर्यात संभावनाओं और जिला निर्यात कार्य योजना (डीईएपी) पर विस्तार से चर्चा की गई।
विदेश व्यापार नीति-2023 के तहत भारत सरकार की डिस्ट्रिक्ट्स एज एक्सपोर्ट हब्स (डीईएच) पहल के अंतर्गत जिले के कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पर्यटन और एमएसएमई क्षेत्र के उत्पादों की निर्यात क्षमता का आकलन किया गया। विचार-विमर्श के बाद समिति ने हल्दी और लहसुन को जिला बिलासपुर के प्रमुख निर्यात उत्पादों के रूप में चिन्हित करने का निर्णय लिया।
बैठक में बताया कि जिले की भौगोलिक और जलवायु परिस्थितियां इन दोनों फसलों के उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। इनके प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि के साथ निर्यात के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं।
समिति ने निर्यात क्षमता वाले उत्पादों की पहचान, संभावित निर्यातकों का डाटाबेस तैयार करने, नए उद्यमियों को निर्यात गतिविधियों से जोड़ने और निर्यात प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष बल दिया। अधिकारियों ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
सहायक आयुक्त राजकुमार ने कहा कि जिले में मत्स्य एवं मत्स्य उत्पाद, शहद और मधुमक्खी उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन सेवाओं तथा अन्य एमएसएमई उत्पादों के क्षेत्र में भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने विभागों को इन क्षेत्रों में कार्य कर स्थानीय उद्यमियों और उत्पादकों को निर्यात गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सीमित जागरूकता, कोल्ड चेन और प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी, निर्यात संबंधी दस्तावेजी प्रक्रियाओं की जटिलता और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।