भूतपूर्व सैनिक और आश्रित ट्रक ऑपरेटर संघर्ष समिति की अनिश्चितकालीन हड़ताल रविवार को दसवें दिन भी जारी रही। इस मौके पर ऑपरेटरों ने बरमाणा चौक पर निगम प्रबंधन के खिलाफ रैली निकालकर जमकर नारेबाजी की।
पिछले दस दिनों से लगातार जारी हड़ताल के बावजूद भी मांगों पर निगम की ओर से कोई कार्यवाही न करने के चलते संघर्ष समिति ने अब निगम के अधिकारियों का घेराव और आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दे दी है।
समिति के महासचिव महेंद्र सिंह ठाकुर, नाजर सिंह, नंद लाल, राकेश चंदेल, राजेंद्र ठाकुर, सुखराम सांख्यान, रणजीत ठाकुर, गणपत राम ठाकुर, अमर सिंह चौधरी, चेतराम शर्मा, कश्मीर सिंह, सीताराम शर्मा, सुभाष चंदेल और सुरेश ठाकुर ने ट्रक ऑपरेटरों को संबोधित करते हुए कहा कि तानाशाही रवैया अपना रहा निगम यदि जल्द ही कोई कार्यवाही नहीं करता, तो ऑपरेटर अधिकारियों का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। यदि फिर भी मांगों पर गौर नहीं हुआ, तो आमरण अनशन शुरू होगा।
उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन मांगों को सुलझाने की बजाय उनके आंदोलन को कुचलने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें ये आंदोलन निगम की तानाशाही कार्यशैली के कारण करना पड़ रहा है।
क्योंकि यहां पर कार्यरत वेलफेयर वर्किंग कमेटी का कोई पंजीकरण भी नहीं है और यह भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। ट्रक ऑपरेटरों से प्रति चक्कर प्रति गाड़ी के हिसाब से 50 रुपये वसूल कर कई लाखों के हिसाब से पैसा इकट्ठा कर लिया है।
यह सिलसिला पिछले एक दशक से भी अधिक समय से चला हुआ है। इसका लेखा-जोखा आज तक कभी भी किसी भी तरह के अधिवेशन में नहीं दिया गया और न ही कोई अधिवेशन इतने वर्षों से हो पाया है।