भूतपूर्व सैनिक और आश्रित ट्रक ऑपरेटर संघर्ष समिति बरमाणा में चल रही हड़ताल नौंवे दिन भी जारी रही। लेकिन, अभी तक उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया जा रहा।
इससे तल्ख ऑपरेटरों ने शनिवार को बरमाणा चौक पर निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप रैली भी निकाली।
ट्रक ऑपरेटरों को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के प्रधान अमर सिंह सांख्यान, संयोजक तिलक राज ठाकुर ने कहा कि निगम तानाशाही पूर्ण रवैया अपना रहा है।
उन्होंने कहा कि निगम के अधिकारियों का घेराव करने से भी ऑपरेटर पीछे नहीं हटेंगे। इसको लेकर जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वह आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन के तानाशाही रवैया अपना रहा है। मांगों को सुलझाने की बजाय उनके आंदोलन को कुचलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
संघर्ष समिति के महासचिव महेंद्र सिंह ठाकुर, उपप्रधान राकेश चंदेल, सदस्य राजेंद्र ठाकुर, सुखराम सांख्यान, रणजीत ठाकुर, गणपत राम ठाकुर, नई मोहम्मद, बीडीटीएस के सदस्य अमर सिंह चौधरी, चेतराम शर्मा, कश्मीर सिंह, सीताराम शर्मा, सुभाष चंदेल, सुरेश ठाकुर ने कहा कि उन्हें यह आंदोलन निगम की तानाशाही कार्यशैली के कारण करना पड़ रहा है।
क्योंकि यहां पर कार्यरत वेलफेयर वर्किंग कमेटी जिसका कोई पंजीकरण भी नहीं है, भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है। ट्रक आपरेटरों से प्रति चक्कर प्रति गाड़ी के हिसाब से 50 रुपये वसूले जा रहे हैं।
यह सिलसिला पिछले एक दशक से भी अधिक समय से चला हुआ है। इसका लेखाजोखा आज तक कभी भी किसी भी तरह के अधिवेशन में नहीं दिया गया और न ही कोई अधिवेशन इतने वर्षों से हो पाया है।