बे-बस ज़िंदगी अभियान का बड़ा असर
जिले में अमर उजाला की मुहिम के बाद हरकत में आया विभाग, 18 चालान किए
बसों में क्षमता से अधिक सवारियां, महिला सीट आरक्षण का भी उल्लंघन
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। जिले में निजी और सरकारी बसों में लंबे समय से जारी ओवरलोडिंग, प्रेशर हॉर्न के अवैध इस्तेमाल और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों के उल्लंघन जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे बे-बस ज़िंदगी अभियान का अब जमीन पर असर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार प्रकाशित खबरों और आम जनता की शिकायतों के बाद परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान बसों समेत कुल 18 वाहनों के चालान किए गए।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ समय से जिले में बसों की मनमानी को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं। यात्री बताते रहे कि बसों में तय क्षमता से कहीं अधिक सवारियां भरी जा रही हैं, जिससे न केवल असुविधा होती है बल्कि हर यात्रा जान जोखिम में डालकर करनी पड़ती है। इसके अलावा कई बसों में तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न लगाए गए हैं, जो ध्वनि प्रदूषण बढ़ाने के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए भी खतरा बन रहे हैं। इन समस्याओं को अमर उजाला के बे-बस ज़िंदगी अभियान के तहत प्रमुखता से उठाया गया। अभियान में यात्रियों की मजबूरी, महिलाओं की परेशानियां और नियमों की खुलेआम अनदेखी को उजागर किया गया, जिसके बाद परिवहन विभाग ने मामले का संज्ञान लिया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमों ने जिले के बस स्टैंड, मुख्य सड़कों और ग्रामीण रूटों पर जांच की। जांच के दौरान कई बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां पाई गईं। कुछ बसों में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों पर पुरुष यात्रियों को बैठाया गया था, जिससे महिला यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ा। वहीं, कुछ व्यावसायिक वाहनों में भी नियमों के विपरीत उपकरण लगे पाए गए। मौके पर ही चालकों और परिचालकों को यातायात नियमों की जानकारी दी और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न करने की सख्त चेतावनी भी दी। जिन वाहनों में गंभीर उल्लंघन पाए गए, उनके चालान काटे गए। विभाग के मुताबिक, इन 18 चालानों में बसों के साथ अन्य व्यावसायिक वाहन भी शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोडिंग यातायात नियमों का सीधा उल्लंघन है। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों का पालन न करना सामाजिक जिम्मेदारी की अनदेखी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में जिले भर में नियमित रूप से चलाया जाएगा। । आरटीओ राजेश कौशल ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर बसों सहित 18 वाहनों के चालान किए गए हैं और आगे भी नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सड़कों पर यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करवाना है।