पंजगाईं में आयोजित रेबीज दिवस कार्यक्रम में भाग लेने वाले स्वास्थ्य कर्मी व अधिकारी। स्रोत: स्व
सीएचसी पंजगाईं में विश्व रैबीज दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम, भाषण प्रतियोगिता में संजू प्रथम
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पंजगाईं में सोमवार को विश्व रैबीज दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह बावा ने की। उन्होंने उपस्थित लोगों को रैबीज बीमारी, इसके कारण, लक्षण और बचाव के उपायों की जानकारी दी।
डॉ. बावा ने बताया कि रैबीज एक जानलेवा वायरल बीमारी है, जो संक्रमित पशु की लार के संपर्क में आने से फैलती है। कुत्ते, बिल्ली, बंदर और चमगादड़ सहित संक्रमित पशुओं के काटने, चाटने या खरोंच लगने से संक्रमण का खतरा रहता है। उन्होंने बताया कि किसी जानवर के काटने के बाद घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोना चाहिए। इसके बाद एंटीसेप्टिक का इस्तेमाल कर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लक्षण सामने आने के बाद रैबीज लगभग हमेशा घातक होती है, इसलिए समय पर बचाव और उपचार बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि विश्व रैबीज दिवस हर वर्ष 28 सितंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को रैबीज से बचाव के प्रति जागरूक करना है। इस वर्ष का विषय एक साथ मजबूत रखा गया है। मस्तराम हेल्थ एजुकेटर ने लोगों से पालतू पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाने और जंगली व पालतू जानवरों को अनावश्यक रूप से परेशान न करने की अपील की। उन्होंने बताया कि जानवरों के बच्चों को उठाने या उन्हें छेड़ने से भी काटने की घटना हो सकती है।
कार्यक्रम के दौरान जागरूकता के लिए भाषण प्रतियोगिता भी करवाई गई, जिसमें आठ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। संजू ने प्रथम, मीरा देवी और मीनाक्षी ने द्वितीय और सीता देवी ने तृतीय स्थान हासिल किया। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार के रूप में रजिस्टर और पेन दिए गए। इस दौरान उपस्थित लोगों को फल भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में डॉ. दीपिका, ऋषिका, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक भूपेंद्र, नीलम महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता सहित करीब 50 लोग मौजूद रहे।