बिलासपुर (रामपुर)। लकड़ी बीनने भाखड़ा नदी किनारे गए युवक और उसके दो भतीजे नदी में डूब गए। कुछ लोगों ने उन्हें डूबते देखा तो शोर मचा दिया। मौके पर ग्रामीण जमा हो गए और तीनों की तलाश शुरू कर दी गई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद तीनों के शवों को नदी से बाहर निकाला गया। एक ही परिवार में तीन मौत होने से कोहराम मचा हुआ है। राजस्व कर्मियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले की जानकारी से इंकार कर दिया।
घटना क्षेत्र के ग्राम कादरीगंज के पास से बह रही भाखड़ा नदी की है। ग्राम सिकरौरा का मजरा बेरखेड़ी फैजाबाद निवासी परमिंद्र सिंह वाल्मीकि (25) सोमवार को लगभग दो बजे हाईस्कूल में पढ़ने वाले अपने दो भतीजों निहाल (16) दीपक कुमार (16) के साथ भाखड़ा नदी किनारे लकड़ी बीनने गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, लकड़ी बीनने के दौरान ही अचानक परमिंद्र नदी में फिसल गया, जिसे बचाने के लिए उसके दोनों भतीजों ने प्रयास किए तो वह भी नदी के गहरे पानी में समा गए। तीनों को पानी में डूबता देख नदी किनारे मौजूद लोगों ने शोरशराबा करके अन्य लोगों को एकत्र कर लिया। ग्रामीणों ने उन्हें पानी में खोजना शुरू कर दिया। सूचना पर उनके परिजन भी पहुंच गए और तीनों के शवों को करीब पांच बजे गहरे पानी से बाहर निकाला गया तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजन तीनों के शवों को घर ले आए। सूचना पाकर राजस्व निरीक्षक नरेंद्र कुमार भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए और घटना की जांच शुरू कर दी। परिजनों ने शवों का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। ग्राम प्रधान भूरी देवी, राजेंद्र सिंह, कादरीगंज प्रधान रामाकिशोर, बेरखेड़ा प्रधान बलविंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है और जांच के बाद ही कार्रवाई होगी। कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार सिंह यादव का कहना है कि घटना उनके संज्ञान में नहीं है। परिजनों ने तीनों के शव का पोस्टमार्टम कराए बिना ही अंतिम संस्कार कर दिया।