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Bilaspur News: घुमारवीं नगर परिषद में होगी काम बनाम दावे की लड़ाई

Fri, 24 Apr 2026 11:48 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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रीता सहगल
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निकाय चुनाव
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पांच साल के कार्यकाल पर प्रत्याशियों से होगा जनता का सीधा सवाल
पार्किंग, सफाई, सीवरेज और पेयजल जैसे मुद्दों पर घिरा नगर परिषद
जनता का मूड बदला, कामकाज के आधार पर तय होगा चुनावी परिणाम

संजीव शामा
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के चुनाव नजदीक आते ही इस बार सियासत का केंद्र पूरी तरह बदल गया है। जहां पहले चुनावी मैदान में उम्मीदवारों की चर्चा होती थी, वहीं इस बार बीते पांच वर्ष का कामकाज ही सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। शहर के बाजारों, गलियों और मोहल्लों में लोग खुलकर नगर परिषद के पिछले कार्यकाल पर सवाल उठा रहे हैं और जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगने की बात कर रहे हैं।
शहरवासियों में इस बार नगर परिषद के कार्यकाल को लेकर गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का साफ कहना है कि पूरे पांच वर्षों में ऐसा कोई बड़ा या उल्लेखनीय विकास कार्य नहीं हुआ, जिसे उदाहरण के तौर पर गिनाया जा सके। कई स्थानीय लोगों ने तो इसे नगर परिषद के इतिहास का सबसे कमजोर कार्यकाल तक करार दिया है। घुमारवीं शहर आज भी पार्किंग, कूड़ा प्रबंधन, सीवरेज, पेयजल, बिजली, सड़कों की बदहाल स्थिति और नालियों की गंदगी जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है। बरसात के दौरान हालात और बिगड़ जाते हैं, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए न तो कोई ठोस योजना बनाई गई और न ही जमीनी स्तर पर प्रभावी काम किया गया।
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स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि शहर में पार्किंग की उचित व्यवस्था न होने से बाजार पर सीधा असर पड़ रहा है। ग्राहक बाजार तक तो पहुंचते हैं, लेकिन वाहन खड़ा करने की जगह न मिलने के कारण वापस लौट जाते हैं। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है और दुकानदारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। वहीं, सफाई व्यवस्था और जल निकासी की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बदबू और गंदगी फैल रही है। बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या और बढ़ जाती है। इसके अलावा, लावारिस पशुओं की समस्या भी लगातार विकराल होती जा रही है।
युवाओं का कहना है कि शहर में उनके लिए कोई विशेष सुविधा विकसित नहीं की गई। न पार्कों की स्थिति सुधरी और न ही खेल मैदानों पर ध्यान दिया गया। इससे युवाओं में भी निराशा है और वे इसे नगर परिषद की बड़ी कमी मानते हैं। लोग साफ कह रहे हैं कि वे केवल चुनावी वादों के आधार पर वोट नहीं देंगे, बल्कि पिछले पांच वर्षों के कामकाज को ध्यान में रखकर ही अपना निर्णय लेंगे। उम्मीदवारों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे और जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे में यह चुनाव नगर परिषद के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है। संवाद
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इनसेट
पार्किंग और कूड़ा बना सबसे बड़ा सिरदर्द
बाजार में ग्राहक आते हैं, लेकिन गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं मिलती। नगर परिषद ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है।
महेंद्र पाल रतवान, दुकानदार
इनसेट
युवाओं के लिए कोई ठोस योजना नहीं
न पार्कों की हालत सुधरी और न खेल मैदानों पर ध्यान दिया गया। युवाओं के लिए कोई सुविधा विकसित नहीं की गई। इससे युवाओं में निराशा का भाव है।
शानुल पटियाल, स्थानीय युवा
इनसेट
इस बार जवाब लेकर ही देंगे वोट
पानी, बिजली, सीवरेज और सड़कों की समस्याएं आज भी बनी हुई हैं। इस बार सोच-समझकर वोट देंगे और उम्मीदवारों से जवाब जरूर मांगेंगे। तभी वोट करेंगे।
बिमला देवी, स्थानीय निवासी
कोट
क्या कहती हैं पूर्व अध्यक्ष
पिछले पांच वर्ष में नगर परिषद ने शहर के विकास के लिए कई कार्य किए हैं। पार्किंग निर्माण, जल निकासी सुधार, सफाई व्यवस्था को मजबूत किया गया। सड़कों को पक्का किया गया और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था बेहतर बनाई गई। साथ ही सभी वार्डों तक सीवरेज सुविधा पहुंचाने का कार्य भी शुरू किया गया।
रीता सहगल, पूर्व अध्यक्ष, नगर परिषद घुमारवीं

रीता सहगल

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