-कोठीपुरा व राजपुरा के जनप्रतिनिधियों ने प्रेस वार्ता में उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर एम्स में एक निजी आउटसोर्स कंपनी एक तरफ स्थानीय लोगों से कहती है कि उनके पास सफाई कर्मचारी का कोई पद खाली नहीं है, वहीं दूसरी ओर हाल ही में पांच लोगों को बिना खाली पद के नियुक्त कर दिया गया। यह बात कोठीपुरा व राजपुरा के साथ लगती ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने बिलासपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कंपनी के अधिकारियों पर सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति के मामले पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। पुलिस विभाग से मांग की कि इस मामले की जांच कहां तक पहुंची है, इससे जनता को अवगत कराएं। ताकि सच्चाई लोगों के सामने आ सके। उन्होंने एम्स व सफाई व्यवस्था का जिम्मा देखने वाली कंपनी के बीच हुए एमओयू को सार्वजनिक करने की भी मांग की है। इसके लिए प्रतिनिधियों ने बिलासपुर एम्स प्रशासन से सीवरेज के गंदे पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध व इस समस्या के निदान की मांग की है। कहा कि एम्स के सीवरेज के गंदे पानी से बावड़ियों व प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी दूषित हो रहा है, जो लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने जिला प्रशासन से भी इस समस्या के हल के लिए समुचित कदम उठाने की मांग की। श्री नयना देवी ब्लॉक कांग्रेस महासचिव सरवण ठाकुर, अमित, उप प्रधान श्याम ठाकुर, समाज सेवी सुषमा देवी, उप प्रधान कचौली किशोरी, विक्की शर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि बिलासपुर एम्स से सीवरेज का गंदा पानी अक्सर रात को छोड़ा जाता है। इससे साथ लगते गांवों की बावड़ियों और प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी दूषित हो रहा है। यही गंदा पानी गंभरोला खड्ड में भी मिलता है। इस पर कई पेयजल योजनाएं चल रही हैं। इस दूषित पानी के प्रयोग से बीमारियां फैल सकती हैं।