रौड़ा सेक्टर में आयोजित रामलीला में मुख्यातिथि राकेश कुमार सिंह को सम्मानित करते आयोजन। संवाद
-श्री राम के किरदार में सोहन पुंडीर की अदाकारी ने बटोरीं तालियां
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ऐसा कोई धर्म नहीं, जो किसी के छू जाने से भ्रष्ट होता हो, वह साधू ही नहीं जो ऊंच-नीच जाति-पाति मानता हो, केवल अज्ञानता के अंधकार में ही कोई किसी को नीच कह सकता है, जिसके मन में प्रेम और भक्ति का स्त्रोत बहता हो वह कभी भी इस भेदभाव को नहीं मान सकता। जब यह संवाद प्रभु राम का किरदार निभा रहे सोहन पुंडीर ने पंडाल से कहे तो समूचा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
शहर के रौड़ा सेक्टर में चल रही श्री राम लीला में पंचवटी सीता हरण दृश्य में रावण का अभिनय कर रहे राजन शान ने अपनी दमदार प्रस्तुति दी। माता सीता को रावण के चंगुल से बचाने के लिए वृद्ध जटायू अपने प्राणों की बाजी लगा देता है लेकिन वह असफल हो जाता है और अपने प्राण त्याग देता है। जटायु का अंतिम संस्कार करने के बाद माता जानकी की खोज में प्रभु राम और वीर लक्ष्मण आगे बढ़ते हैं, जहां पर उनकी भेंट माता शबरी से होती है। माता शबरी उन्हें सुग्रीव और हनुमान से मिलने का मार्ग बताती है। इसी दौरान भगवान राम जब माता से भूख सताने की बात कहते हैं तो शबरी उन्हें बेर खिलाती है। माता की ओर से पुत्र की भूख मिटाने के इस प्रेम और भक्ति भाव दृश्य को अभिनीत कर रहे कलाकारों ने अपनी अदाकारी की अमिट छाप छोड़ी। इस संध्या लक्ष्मण की भूमिका में विवेक, सीता बनीं सौम्या, जटायु के किरदार में ऋषि, शबरी बने सुंदरु, हनुमान बने शिवेश हांडा, सुग्रीव बने शिवम कश्यप, जामवंत बने पवन और अंगद की भूमिका मनु ने निभाई। इस मौके एम्स बिलासपुर के कुलपति राकेश कुमार सिंह ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। आयोजकों ने उन्हें शॉल, टोपी व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।