टकरेड़ा स्थित पावन मां श्री नैना देवी मंदिर परिसर श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद लोग। संवाद
सात दिवसीय अनुष्ठान का 5 नवंबर को होगा समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। गांव टकरेड़ा स्थित पावन मां श्री नैना देवी मंदिर परिसर इन दिनों श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आयोजन से आध्यात्मिक चेतना, भजन कीर्तन और प्रभु प्रेम की धारा में डूबा हुआ है। 30 अक्तूबर से प्रारंभ हुए इस सात दिवसीय अनुष्ठान का समापन 5 नवंबर को पूर्णाहुति हवन और भंडारे के साथ होगा। कथा के तीसरे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान पंडाल आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जैसे भजनों से गूंज उठा।
वृंदावन धाम के भागवताचार्य आचार्य बृजेश गोस्वामी की रसपूर्ण वाणी, मधुर कीर्तन और भक्तिमय शैली से प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु भावविभोर हो रहे हैं। आचार्य श्री ने धर्म, सत्य और दैविक संरक्षण के लिए भगवान विष्णु के कृष्ण रूप में हुए अवतरण की महत्ता समझाते हुए कहा कि जहां धर्म की हानि होती है, भगवान स्वयं अवतरित होकर धर्म की पुनर्स्थापना करते हैं। कृष्ण जन्म, अंधकार से प्रकाश की ओर मानवता का आरोहण है। महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए जबकि युवाओं ने माखन चोरी लीला प्रस्तुत की कथा स्थल में सौंधी धूप, घंटों की ध्वनि और बाल गोपाल के दर्शन से चरम भक्ति स्वरूप देखा गया। कथा के पांचवें दिन आचार्य श्री ने गोवर्धन लीला का अत्यंत सजीव और हृदयस्पर्शी वर्णन किया। आयोजन की सेवा में आचार्य श्याम लाल शर्मा युवक मंडल टकरेड़ा और स्थानीय ग्रामीण दिन रात जुटे हुए हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे शेष दो दिनों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा और हवन में भाग लें।