परमवीर चक्र विजेता संजय कुमार सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने अमर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
जिला स्तरीय समारोह में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का सम्मान, राष्ट्रभक्ति का दिया संदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहीद स्मारक बिलासपुर में जिला स्तरीय कारगिल विजय दिवस मनाया गया। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। समारोह में सेना के शौर्य और बलिदान को याद करते हुए लोगों ने वीर जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
कार्यक्रम में उपायुक्त राहुल कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान तथा परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य गणमान्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।
उपायुक्त ने कहा कि कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। वर्ष 1999 में भारतीय सैनिकों ने विषम परिस्थितियों में अद्वितीय वीरता का परिचय देते हुए कारगिल की दुर्गम चोटियों पर दोबारा तिरंगा फहराकर देश की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा की। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीरों का सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार हिमाचल के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण नई पीढ़ी को देशभक्ति, अनुशासन और नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करता है। परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर (मानद कैप्टन) संजय कुमार ने भी कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए युवाओं से देशभक्ति, अनुशासन और समर्पण को जीवन का मूल मंत्र बनाने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
समारोह में कारगिल युद्ध में हिमाचल के 52 वीर सपूतों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया गया। विशेष रूप से जिला बिलासपुर के सात शहीद वीर चक्र विजेता हवलदार उधम सिंह, नायक मंगल सिंह, राइफलमैन विजयपाल, हवलदार राजकुमार, नायक अश्विनी कुमार, हवलदार प्यार सिंह और नायक मस्तराम को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके अद्वितीय बलिदान को नमन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। भारत माता की जय और वीर शहीद अमर रहें के जयघोषों से शहीद स्मारक परिसर गूंज उठा। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।