सुंगल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: आयोजक
-श्री राम-शबरी प्रसंग ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सुंगल गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान आचार्य संजय शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भक्ति, प्रेम और पारिवारिक मूल्यों का मार्मिक संदेश दिया। कथा के दौरान उन्होंने श्रीराम और माता शबरी के प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची भक्ति में जाति, पद या स्थिति का कोई महत्व नहीं होता, केवल निष्कलंक प्रेम और समर्पण ही प्रभु तक पहुंचाता है।
शबरी द्वारा प्रेमपूर्वक बेर अर्पित करने की कथा सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। साथ ही आचार्य ने श्रीकृष्ण और गोपियों के वार्तालाप का आध्यात्मिक रहस्य समझाते हुए कहा कि यह संवाद सांसारिक प्रेम नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि गोपियों की भक्ति पूर्ण समर्पण का उदाहरण है, जहां अहंकार का कोई स्थान नहीं होता। कथा के दौरान आचार्य संजय शास्त्री ने दांपत्य जीवन पर भी विशेष संदेश देते हुए कहा कि पति-पत्नी को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। परिवार तभी सुखी रह सकता है जब उसमें आपसी विश्वास, संवाद और आदर हो। उन्होंने कहा कि जहां सम्मान और समझ होती है, वहां कलह नहीं, बल्कि प्रेम का वास होता है। इस धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक कुलदीप डोगरा और सरोज डोगरा हैं, जिनके प्रयासों से गांव में भक्ति का सुंदर वातावरण बना हुआ है। संगीत की मधुर संगत अजय शर्मा, राकेश शर्मा, यशपाल, सोनू शर्मा और धनंजय ने दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।