हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ बिलासपुर ने उठाई मांग
कर्मचारियों को शीघ्र प्रभाव से सेवा में बहाल करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ बिलासपुर ने सदर खंड में पंचायती राज संस्थाओं के सामान्य निर्वाचन-2026 के दौरान पंचायत बामटा में चुनावी ड्यूटी पर तैनात पोलिंग पार्टी के कर्मचारियों को निलंबित किए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार और उन्हें शीघ्र बहाल करने की मांग की है।
संघ के जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर, उपाध्यक्ष बलवंत ठाकुर, महासचिव सुशील चंदेल, वित्त सचिव विकास चौहान, संजीव कौशल, जगदीप ठाकुर, कमल जीत, सुरेंद्र धीमान, पवन ठाकुर, बाबू राम, राजीव चौधरी, संदीप, सुनील ने संयुक्त रूप से जारी बयान में कहा कि पंचायती राज चुनावों के दौरान मतदान दलों पर अत्यधिक कार्यभार और जिम्मेदारियां होती हैं। चुनाव प्रक्रिया अत्यंत संवेदनशील एवं जटिल होने के कारण कर्मचारियों को सीमित समय में अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन करना पड़ता है। ऐसी परिस्थितियों में कभी-कभी अनजाने में मानवीय त्रुटियां हो जाना असामान्य नहीं है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बामटा में जिला परिषद एवं पंचायत समिति की मतपत्र पेटी के स्थान पर प्रधान एवं उप प्रधान की मतपत्र पेटी जमा कर दिए जाने की घटना निस्संदेह एक प्रशासनिक चूक थी, लेकिन यह त्रुटि समय रहते पकड़ में आ गई थी। इस कारण चुनाव प्रक्रिया अथवा चुनाव परिणामों पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा और चुनाव की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता भी प्रभावित नहीं हुई। संघ ने कहा कि ऐसी स्थिति में एक अनजानी त्रुटि के लिए पूरी पोलिंग पार्टी को निलंबित किया जाना कठोर कार्रवाई है। किसी भी कर्मचारी की सेवा अभिलेख, उसके समर्पण और घटना की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखे बिना की गई दंडात्मक कार्रवाई कर्मचारियों का मनोबल प्रभावित कर सकती है।
संघ के पदाधिकारियों ने मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए चुनाव आयोग को भी प्रक्रियाओं में और अधिक सुधार करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का अनुभव, सेवाएं विभाग और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए उनके साथ न्यायपूर्ण एवं संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। संघ ने हिमाचल प्रदेश राज्य चुनाव आयोग, प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से आग्रह किया है कि पंचायत बामटा की पोलिंग पार्टी में कार्यरत सभी निलंबित कर्मचारियों के मामले पर सहानुभूतिपूर्वक पुनर्विचार करते हुए उनके निलंबन आदेश रद्द किए जाएं और उन्हें शीघ्र प्रभाव से सेवा में बहाल किया जाए।