एक बेटे की मौत, दूसरा बिस्तर पर
घर में रोजी-रोटी कमाने का साधन नहीं, प्रशासन से नहीं मिली मदद
पंचायत से आईआरडीपी में शामिल करने की लगा चुकीं गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। उपतहसील भराड़ी की पंतेहड़ा पंचायत के फागत गांव की 64 वर्षीय बुजुर्ग महिला संध्या देवी सरकार और प्रशासन से आर्थिक सहायता की आस लगाए बैठी हैं। संध्या देवी दिव्यांग हैं। उनके घर में कोई भी आय का स्रोत नहीं है। पति की करीब 30 साल पहले मौत हो गई थी। अब हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि उन्हें दो वक्त की रोटी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
संध्या देवी के दो बेटे थे। छोटा बेटा मेहनत-मजदूरी कर घर चलाता था, लेकिन एक साल पहले उसकी मौत हो गई। दूसरा बेटा हाल ही में एक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे उसकी टांग टूट गई और वह बिस्तर पर पड़ गया। इस घटना के बाद परिवार पूरी तरह से आर्थिक संकट में आ गया है। अब घर में न कोई कमाने वाला है और न ही खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था है। चार कमरों का स्लेटपोश मकान धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील हो रहा है। मकान की दीवारों में दरारें आ चुकी हैं, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। संध्या देवी की दिव्यांगता और उम्र के चलते वह मजदूरी भी नहीं कर सकतीं, जिससे परिवार भुखमरी की कगार पर है। संध्या देवी ने कई बार पंचायत से कई बार आग्रह किया कि उन्हें आईआरडीपी में शामिल किया जाए, ताकि वे सरकारी सहायता प्राप्त कर सकें। इस योजना के तहत चयन होने पर उन्हें इलाज, जीवन-यापन और घर की मरम्मत के लिए आर्थिक सहायता मिल सकती थी। लेकिन अब तक उनकी फरियाद अनसुनी रही है।
संध्या घुटनों के बल चलने को मजबूर
संध्या देवी पैरों पर ठीक से खड़ी नहीं हो सकतीं और घुटनों के बल चलने को मजबूर हैं। खेतीबाड़ी करने की हालत में भी नहीं हैं। इससे खाने के लिए अनाज का संकट बना हुआ है। उनके पास संपत्ति या संसाधन नहीं हैं, जिससे वे किसी भी तरह की आय उत्पन्न कर सकें।
प्राथमिकता से मिलेगी मदद
इस मामले की जानकारी नहीं थी। प्राथमिकता के आधार पर संध्या देवी के परिवार की मदद की जाएगी। सरकार की योजनाएं इस परिवार को मुहैया करवाई जाएंगी। -गौरव चौधरी, एसडीएम घुमारवीं