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Bilaspur News: राम कथा में सुनाया प्रभु राम और केवट का प्रसंग

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बाबा विश्वकर्मा मंदिर में चल रही कथा में मौजूद श्रद्धालु। स्रोत: जागरूक पाठक
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आचार्य नीरज शर्मा ने कहा- सच्ची भक्ति और प्रतीक्षा कभी व्यर्थ नहीं जाती
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बाबा विश्वकर्मा मंदिर परिसर में गणेश उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित राम कथा में आचार्य नीरज शर्मा ने प्रभु राम और केवट के प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान को अपने भक्तों की मनोस्थिति और उनकी जिज्ञासा का पूरा आभास होता है, लेकिन भक्त की इच्छा कब और किस रूप में पूरी करनी है, इसका निर्णय स्वयं प्रभु करते हैं।
कथा के दौरान आचार्य नीरज शर्मा ने बताया कि वनवास के समय प्रभु राम जब गंगा नदी के तट पर पहुंचे तो उन्होंने केवट से नदी पार करवाने का आग्रह किया। इस पर केवट ने प्रभु से चरण स्पर्श करने का अवसर देने की इच्छा जताई। प्रभु राम यह सुनकर मुस्कुराए।
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आचार्य ने प्रसंग की व्याख्या करते हुए बताया कि मान्यता के अनुसार पूर्व जन्म में यही केवट कछुए के रूप में भगवान विष्णु के चरण स्पर्श करने का प्रयास करता था। उस समय शेषनाग के रूप में लक्ष्मण उसे बार-बार पानी में डाल देते थे। प्रयास करते समय कछुए की मृत्यु हो गई थी। अब प्रभु राम स्वयं उसके पास पहुंचकर उसे चरण स्पर्श का अवसर दे रहे थे।
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उन्होंने कहा कि भक्त की सच्ची भावना और प्रतीक्षा कभी व्यर्थ नहीं जाती। भगवान उचित समय आने पर भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रभु राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने और भक्ति भाव से ईश्वर का स्मरण करने का आह्वान किया।
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