भराड़ी क्षेत्र के दर्जनों गांवों की जीवनरेखा बनी बस कई दिनों से बंद
लोगों ने जल्द बहाली की उठाई मांग, छात्रों और मरीजों पर सबसे ज्यादा असर
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। भराड़ी उपतहसील के दर्जनों गांवों से होकर गुजरने वाली बिलासपुर-धर्मशाला बस सेवा पिछले कई दिनों से बंद होने के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्षों से ग्रामीणों के लिए आवागमन का प्रमुख साधन रही यह बस सेवा अचानक बंद हो जाने से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और अस्पताल जाने वाले मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
सार्वजनिक परिवहन के सीमित साधनों वाले इस क्षेत्र में बस सेवा बंद होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ रहा है। बिलासपुर-धर्मशाला बस प्रतिदिन सुबह करीब सात बजे क्षेत्र से होकर गुजरती थी। सुबह के समय चलने वाली यह बस ग्रामीणों के लिए सबसे सुविधाजनक और भरोसेमंद परिवहन साधन मानी जाती थी। विशेष रूप से कॉलेज और स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं, सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारी और उपचार के लिए हमीरपुर अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में जाने वाले मरीज इसी बस पर निर्भर रहते थे। बस सेवा बंद होने के बाद लोगों को कई बार वाहन बदलकर सफर करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। भराड़ी क्षेत्र के अधिकांश गांव ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में स्थित हैं, जहां पहले से ही सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं सीमित हैं। ऐसे में सुबह के समय मिलने वाली यह बस लोगों के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं थी। इस बस के माध्यम से लोग हमीरपुर, लदरौर, भोटा, बिलासपुर और धर्मशाला सहित विभिन्न स्थानों तक आसानी से पहुंच जाते थे। अब बस सेवा बंद होने के कारण लोगों को निजी टैक्सियों या अन्य महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। बस सेवा बंद होने का सबसे अधिक असर छात्रों पर देखने को मिल रहा है। विद्यार्थियों का कहना है कि पहले वे एक ही बस के माध्यम से समय पर अपने कॉलेज और शिक्षण संस्थानों तक पहुंच जाते थे, लेकिन अब उन्हें अलग-अलग बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई बार दूसरी बसों के इंतजार में घंटों खड़ा रहना पड़ता है, जिससे न केवल समय बर्बाद होता है बल्कि पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। छात्रों ने कहा कि नियमित और समय पर परिवहन सुविधा न मिलने से उनकी शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों और बुजुर्गों की परेशानी भी कम नहीं है। नियमित जांच और उपचार के लिए हमीरपुर अस्पताल जाने वाले कई मरीज अब परिवहन सुविधा के अभाव में परेशान हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो उनके लिए महंगा साबित हो रहा है। बस अड्डा इंचार्ज राकेश ने बताया कि बिलासपुर में पुरानी बसों की नीलामी होने के कारण कुछ रूटों पर बसों की कमी हो गई है। इसी वजह से बिलासपुर-धर्मशाला बस सेवा फिलहाल बंद है। उन्होंने आश्वासन दिया कि नई बसें उपलब्ध होते ही इस रूट पर बस सेवा को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।