दूसरे विभागों के कार्यालयों से दूर, लोगों को आने-जाने में हो रही परेशानी
बस स्टैंड, एसडीएम कार्यालय से आने वालों को चलना पड़ता है पैदल
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता( बिलासपुर)। झंडूता विधानसभा क्षेत्र के उपमंडल स्थित तहसील कल्याण कार्यालय करीब एक दशक से किराये के भवन में चल रहा है। 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने झंडूता में उपमंडल नागरिक कार्यालय के साथ तहसील कल्याण कार्यालय खोलने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद कार्यालय तो खुल गया, लेकिन आज तक यह निजी भवन में ही संचालित हो रहा है।
लोगों का कहना है कि कार्यालय झंडूता के अन्य विभागों से काफी दूर होने के कारण बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को वहां तक पहुंचने में कठिनाई होती है। बस स्टैंड या एसडीएम कार्यालय से आने वालों को पैदल चलना पड़ता है या वाहन किराये पर लेना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। इसके साथ ही बस स्टैंड और उपमंडल कार्यालय अनंदघाट से तहसील कल्याण कार्यालय तक मार्गदर्शन के लिए विभाग की ओर से कोई साइन बोर्ड न लगाया जाना भी लोगों की परेशानी को बढ़ाता है।
बताते चलें कि तहसील कल्याण कार्यालय से गरीबी रेखा से निचले स्तर के लोगों के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन, स्वर्ण जयंती आश्रय योजना, अनुवर्ती कार्यक्रम, अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग, इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना सहित प्रदेश और केंद्र सरकार की विभिन्न जन कल्याण योजनाओं का लाभ मिलता है। इन योजनाओं के पात्रों को कार्यालय पहुंचने के लिए पहले पसीना बहाना पड़ता है, उसके बाद औपचारिकताएं पूरी करानी पड़ती हैं।
तहसील कल्याण अधिकारी कमल कांत ने बताया कि विभाग का अपना भवन बनाने के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए ग्राम पंचायत बैहना ब्रह्मणा से प्रस्ताव पारित कर जमीन उपलब्ध करवाने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि जैसे ही भूमि से संबंधित औपचारिकताएं पूरी होंगी, विभाग भवन निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा। इसके साथ ही बस स्टैंड और एसडीएम कार्यालय अनंदघाट में जल्द ही विभाग के साइन बोर्ड लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को कार्यालय तक पहुंचने में सुविधा हो सके।