क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में सरकारी सप्लाई की एक दवाई में कंकड़नुमा पदार्थ मिलने से हड़कंप मच गया है। यह फंगस है या कचरा इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
लेकिन, बच्चों को दी जाने वाली दवाई में संदिग्ध पदार्थ मिलने से विभागीय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। यह बुखार की दवाई छोटे बच्चों को दी जाती है, जो कि एक तरह का सिरप है।
बताया जा रहा है कि दवाई की सभी बोतलों में कचरा या कंकड़नुमा पदार्थ होने की बात कही जा रही है। इसके बाद दवाई की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
अस्पताल प्रशासन ने मामला ध्यान में आते ही दवाई के सैंपल भरने की बात कही है। चिकित्सकों का कहना है कि यह दवाई का हिस्सा भी हो सकता है। फिर भी मामले की जांच के लिए दवाई के सैंपल भरे जाएंगे।
जानकारी के अनुसार क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में बुखार से पीड़ित बच्चों को दी जाने वाली दवाई में एक शख्स को कुछ संदिग्ध पदार्थ दिखाई दिया।
इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी चिकित्सक को दी। इसके बाद डॉक्टरों ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसके सैंपल भरने की बात कही है।
हालांकि, अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि दवाई में क्या है। लेकिन, दवाई में कंकड़नुमा चीज दिखने से संशय की स्थिति बनी हुई है।
यह दवाई सरकारी सप्लाई की बताई जा रही है। दवाई की शीशी को ध्यान से देखने पर इसके भीतर कंकड़नुमा चीज दिखाई दे रही है। मंगलवार को यह मामला अस्पताल प्रबंधन के भी ध्यान में आ गया है।
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. सतीश शर्मा ने बताया कि बुखार की दवाई में संदिग्ध चीज दिखाई दे रही है लेकिन यह दवाई का हिस्सा भी हो सकता है। फिर भी दवाई की जांच करवाई जाएगी। इसके लिए ड्रग इंस्पेक्टर से दवाई के सैंपल भरे जाएंगे। यदि दवाई में किसी तरह की खामी पाई गई तो आगामी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।