बोले, मौसम खराब होने के कारण नहीं उड़ा हेलीकॉप्टर, सड़क मार्ग से आया हूं युवाओं से मिलने
15 हजार बच्चों ने लिया नशे के खिलाफ संकल्प
छात्र पाठशाला से लुहणू मैदान तक मुख्यमंत्री चले कदम से कदम मिलाकर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर में आयोजित एंटी चिट्टा वॉकथॉन में देरी से पहुंचने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बच्चों से माफी मांगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पाया, जिसके चलते वह बच्चों से मिलने सड़क मार्ग से बिलासपुर पहुंचे।
नशे के खिलाफ एकजुटता और संकल्प का यह विशाल आयोजन छात्र पाठशाला के मैदान से शुरू होकर लुहणू मैदान तक संपन्न हुआ, जिसमें करीब 15 हजार बच्चों ने भाग लिया। इनमें 90 प्रतिशत से अधिक संख्या स्कूली और कॉलेज के विद्यार्थियों की रही। हाथों में तख्तियां, बैनर और पोस्टर लिए बच्चों ने पूरे शहर को नशामुक्ति का संदेश दिया। एंटी चिट्टा वॉकथॉन में मुख्यमंत्री के पहुंचने का समय सुबह करीब 11 बजे निर्धारित था, लेकिन बच्चों का जोश इतना था कि वे सुबह 9 बजे से ही छात्र पाठशाला के मैदान में जुटना शुरू हो गए। जिले के विभिन्न सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों से छात्र-छात्राएं अपने अध्यापकों के साथ बसों के माध्यम से कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। सुबह के समय मैदान में बच्चों की कतारें, नारों की गूंज और नशे के खिलाफ लिखे संदेशों से माहौल पूरी तरह जागरूकता से भर गया। नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो, चिट्टे को ना, भविष्य को हां जैसे नारों से मैदान गूंज उठा। 11 बजे तक छात्र पाठशाला का मैदान पूरी तरह भर चुका था। हालांकि मुख्यमंत्री के पहुंचने में विलंब हुआ, लेकिन बच्चों का उत्साह कम नहीं हुआ। बच्चे अपने शिक्षकों के साथ कार्यक्रम का इंतजार करते रहे। करीब एक बजे मुख्यमंत्री छात्र पाठशाला के मैदान पहुंचे तो तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से उनका स्वागत किया गया। मंच पर पहुंचते ही मुख्यमंत्री ने सबसे पहले बच्चों से देरी के लिए माफी मांगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां जो बच्चे चिट्टे के खात्मे के लिए इकट्ठा हुए हैं, उनसे मिलने का मेरा मन था। मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर नहीं उड़ पाया, लेकिन मैं सड़क मार्ग से यहां पहुंचा हूं, क्योंकि आप सभी से मिलना मेरे लिए सबसे जरूरी था। मुख्यमंत्री की इस बात पर मैदान में बैठे बच्चों ने जोरदार तालियां बजाईं। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति का बल्कि पूरे समाज का भविष्य खराब करता है। युवा पीढ़ी को इससे दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री ने मंच से सभी बच्चों को चिट्टे से दूर रहने की शपथ दिलाई। हजारों बच्चों ने एक स्वर में नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। इसके बाद वंदे मातरम के उद्घोष के साथ एंटी चिट्टा वॉकथॉन की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री स्वयं बच्चों के साथ पैदल चलते हुए छात्र पाठशाला के मैदान से लुहणू मैदान तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बच्चों से बातचीत की, उनके विचार जाने और उन्हें नशे से दूर रहकर पढ़ाई, खेल और समाज सेवा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। लुहणू मैदान पहुंचने पर कार्यक्रम का समापन हुआ, जहां बच्चों ने फिर से नशे के खिलाफ अपने संकल्प को दोहराया।
बिलासपुर में आयोजित वॉकाथॉन में मौजूद बच्चे। स्रोत: डीपीआरओ
बिलासपुर में आयोजित वॉकाथॉन में मौजूद बच्चे। स्रोत: डीपीआरओ
बिलासपुर में आयोजित वॉकाथॉन में मौजूद बच्चे। स्रोत: डीपीआरओ
बिलासपुर में आयोजित वॉकाथॉन में मौजूद बच्चे। स्रोत: डीपीआरओ
बिलासपुर में आयोजित वॉकाथॉन में मौजूद बच्चे। स्रोत: डीपीआरओ
बिलासपुर में आयोजित वॉकाथॉन में मौजूद बच्चे। स्रोत: डीपीआरओ
बिलासपुर में आयोजित वॉकाथॉन में मौजूद बच्चे। स्रोत: डीपीआरओ