घुमारवीं महाविद्यालय में विद्यार्थियों की ओर से लगाए प्रथम फूड स्टॉल का निरीक्षण करते हुए मुख्य
उद्देश्य : छात्रों को अध्ययन के साथ व्यावहारिक अनुभव, उद्यमिता की ओर प्रेरित करना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय घुमारवीं में विद्यार्थियों ने युवा सोसायटी के तहत सीखते हुए कमाएं कार्यक्रम को साकार करते हुए प्रथम फूड स्टॉल का संचालन किया। घुमारवीं कॉलेज प्रदेश का पहला महाविद्यालय है जिसने विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए ऐसी अनूठी पहल की शुरु की है।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ व्यावहारिक अनुभव, प्रबंधन कौशल और उद्यमिता की ओर प्रेरित करना है। इस गतिविधि के माध्यम से छात्रों ने टीमवर्क, उत्तरदायित्व, सेवाभाव और व्यवसाय संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण व्यावहारिक पक्षों का अनुभव प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यातिथि सोनिका धर्माणी ने किया। उन्होंने कहा कि युवा सोसायटी का यह प्रयास विद्यार्थियों को न केवल स्वावलंबी बनने की दिशा में प्रेरित करता है, बल्कि उन्हें अपने कौशल, प्रबंधन क्षमता और नवाचार को वास्तविक जीवन में आजमाने का सुनहरा अवसर भी प्रदान करता है। ऐसे कार्यक्रम भविष्य की पीढ़ी को मजबूत, आत्मनिर्भर और सक्षम नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एचईआईएस सचिव डॉ. अतुल गुप्ता ने कहा कि महाविद्यालय द्वारा प्रारंभ किया गया सीखते हुए कमाएं कार्यक्रम विद्यार्थियों के कौशल विकास, रोजगारोन्मुखी दृष्टिकोण और आत्मनिर्भरता की दिशा में अत्यंत महत्त्वपूर्ण कदम है। यह पहल छात्रों को वास्तविक जीवन के अनुभव प्रदान कर उनके व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ करेगी। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. प्रीतम लाल ने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह इस बात का प्रमाण है कि वह शिक्षा के साथ-साथ नवाचार, उद्यमिता और नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु भी गंभीर एवं तत्पर हैं। इस अवसर पर प्रो. रजनी, प्रो. भारती, डॉ. रवि, प्रो. पूजा, प्रो. कुणाल, प्रो. गौरव आदि ने कार्यक्रम को सफल बनाने में भूमिका निभाई।