- शाम ढलते ही अंधेरे से घिर जाती हैं शहर की गलियां
-सुबह मॉर्निंग वॉक करने वालों को भी हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। घुमारवीं शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। हालत यह है कि शहर के विभिन्न इलाकों में स्ट्रीट लाइटें शोपीस बनकर रह गई हैं। ऐसे में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम ढलते ही गलियां अंधेरे में डूब जाती हैं, जिससे चोरी जैसी घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। स्थानीय लोग असुरक्षा की भावना के कारण रात में घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं।
शहर की अधिकांश गलियों में स्ट्रीट लाइटें केवल शोपीस बनकर रह गई हैं। अंधेरा छाने के बाद गलियों और मुख्य बाजारों में रोशनी का कोई साधन नहीं रहता, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। यदि स्ट्रीट लाइटें कभी-कभार जल भी गईं तो सुबह जल्दी बंद हो जाती हैं। इस वजह से मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से लाइट बंद करने के समय में बदलाव की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
अंधेरे के कारण महिलाओं और बच्चों के लिए घर से बाहर निकलना जोखिम भरा हो गया है। लावारिस पशुओं की बढ़ती संख्या भी रात के समय गलियों में खतरा बनी हुई है। घने अंधेरे के कारण सड़कों पर दृश्यता कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।
शहर के सुनील, रवि, हरिराम, फारुक, सुरजीत, दीपक, राजेश, अमित, संतोष, कृष्ण लाल और शिव कुमार सहित अन्यों ने बताया कि स्ट्रीट लाइट बंद होने से बाजारों में अंधेरा छाया रहता है और दुकानों के बाहर लगी लाइट की रोशनी ही लोगों के काम आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को इस समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
कोट
मामला हमारे ध्यान में नहीं था। जो लाइट्स खराब हैं उन्हें ठीक कराया जाएगा। साथ ही सुबह स्ट्रीट लाइट बंद करने के समय में भी बदलाव किया जाएगा ताकि लोगों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। लोगों से भी आग्रह करती हूं कि अगर उन्हें इस प्रकार की कोई भी समस्या भविष्य में आए तो वह बेझिझक मेरे मोबाइल पर मैसेज करके बता सकते हैं ताकि समस्या का जल्द हल किया जा सके।
रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद घुमारवीं