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सड़कों को बहाल करने के प्रदेश सरकार के दावे खोखले : जम्वाल

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-बोले, ग्रामीण इलाकों की कई संपर्क सड़कें अभी भी नहीं हुई हैं बहाल
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-जुलाई से अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के लोग कर रहे परेशानी का सामना

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सदर से भाजपा विधायक त्रिलोक जम्वाल ने प्राकृतिक आपदा के बाद मूलभूत सुविधाओं की बहाली में हो रही देरी को लेकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भूस्खलन और जमीन धंसने से बंद हुई सड़कों को 72 घंटे के भीतर बहाल करने के सरकारी दावे खोखले साबित हुए हैं।
ग्रामीण इलाकों की कई संपर्क सड़कें अभी भी बहाल नहीं हो पाई हैं। इसकी वजह से पानी-बिजली जैसी अन्य मूलभूत सुविधाओं की बहाली में भी देरी हो रही है। इसका खामियाजा ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कहा कि गत जुलाई और अगस्त में जोरदार बारिश से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र की भी कई सड़कें भूस्खलन और जमीन धंसने से बंद हो गई थीं। इसी तरह कई पेयजल योजनाएं ठप होने के साथ ही विद्युत व्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित हुई। मुख्यमंत्री को तो आज तक बिलासपुर आने की फुर्सत नहीं मिल पाई है, लेकिन सरकार के मंत्रियों ने भी लगभग डेढ़ माह बाद बिलासपुर आने की जहमत उठाई। सरकार की ओर से दावा किया जाता रहा कि बंद हुई सड़कें 72 घंटे के भीतर खोल दी जाएंगी, लेकिन आपदा का सिलसिला थमने के लगभग डेढ़ माह बाद भी ग्रामीण इलाकों की कई सड़कें बहाल नहीं हो पाई हैं। इस कार्य के लिए शुरुआत में तेजी दिखाई गई, लेकिन उसके बाद लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया।
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जम्वाल ने कहा कि सड़कें बंद होने के कारण ग्रामीण इलाकों के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन इलाकों में बसें नहीं जा रही हैं। कुछ सड़कें आंशिक तौर पर बहाल हुई हैं, लेकिन उन पर एचआरटीसी के रूट दोबारा शुरू नहीं किए गए हैं। सड़कें बहाल न होने के कारण पेयजल योजनाओं की मरम्मत और रखरखाव का कार्य भी सही ढंग से नहीं हो रहा है। इसी तरह विद्युत व्यवस्था में सुधार का काम भी प्रभावित हो रहा है। जिस सरकार को लोगो की मूलभूत सुविधाओं की ही चिंता नहीं है, उससे और कोई उम्मीद करना बेमानी है। यही वजह है कि इस सरकार के खिलाफ पहले साल में ही विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। यदि उसके रवैये में सुधार नहीं हुआ तो उसे लोगों की नाराजगी का सामना कदम-कदम पर करना पड़ेगा।
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