-बोले, सरकार की गलती का खामियाजा भुगत रही जनता
-कर्मचारियों ने काम करना किया बंद, पेयजल योजनाएं ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पेयजल योजनाओं पर रखे आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। खुद को हर वर्ग की हितैषी कहने वाली प्रदेश सरकार के शासन में इन कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। यह बात सदर विधायक त्रिलोक जम्वाल ने कही।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कई बार सरकार को अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ। वेतन न मिलने से परेशान कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इस कारण पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं। लोगों को कई दिनों से पानी नहीं मिल रहा है। सरकार की गलती का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों की परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पानी को लेकर कई स्थानों पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी होने लगे हैं। जनता को झूठे सपने दिखाकर सत्ता में आई कांग्रेस अब हर वर्ग की अनदेखी कर रही है। पेयजल योजनाओं के संचालन के लिए रखे आउटसोर्स कर्मचारियों को पिछले साल चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से वेतन नहीं मिला है। वेतन की अदायगी करने के बजाए सदर विधानसभा क्षेत्र में ही दर्जनों आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं खत्म कर दी गईं। बाकी बचे जो कर्मचारी नियमित रूप से काम कर रहे हैं, उन्हें भी वेतन का भुगतान आज तक नहीं हो पाया है। कर्मचारियों को परिवार का पालन पोषण करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। उधर बरसात के मौसम में भी जनता को पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसना पड़ रहा है, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। परेशान लोग जल शक्ति विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। उन्हें संतोषजनक जवाब तक नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इस मामले में ठोस कदम उठाएं। कर्मचारियों को बकाया वेतन के साथ ही भविष्य में भी नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।