संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक सुनील शर्मा ने कहा कि बैंक अपने ग्राहकों को नई ऋण योजनाओं के माध्यम से उनकी आवश्यकताओं के अनुसार ऋण सुविधा प्रदान कर स्वरोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है।
शर्मा बिलासपुर के चम्योण गांव में जन संपर्क अभियान के दौरान बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही राजीव गांधी स्वरोजगार योजना को बैंक द्वारा संचालित करने के बारे में भी बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना के माध्यम से बैंक एक करोड़ रुपये तक की ऋण योजनाओं के लिए नाबार्ड द्वारा तय सीएमए शर्तों के मुताबिक अधिकतम 60 लाख तक की ऋण सुविधा प्रदान करेगा। इस ऋण योजना के तहत संभावित ऋण-धारकों को 25 से 35 प्रतिशत तक की निवेश उपदान की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। साथ ही कुछ ऋण घटकों में ब्याज अनुदान भी उपलब्ध होगा। इस ऋण योजना के तहत प्रार्थी को ई-वाहन/ई-ट्रक, ई-बस, ई-टेंपो तथा ट्रैवलर के लिए 50 प्रतिशत निवेश उपदान के साथ, दंत चिकित्सा सुविधा और मत्स्य कारोबार इत्यादि स्वरोजगार स्थापित करने के लिए ऋण सुविधा दी जाएगी। पांच प्रतिशत की दर से शुरुआती तीन साल तक ब्याज उपदान की सुविधा भी होगी, लेकिन यह सुविधा ई-वाहन ऋणों पर उपलब्ध नहीं होगी। उन्होंने बताया कि बैंक ने अपनी शिक्षा ऋण योजना में भी संशोधन करके उसकी ऋण सीमा में भी बढ़ोतरी की है। अब इस योजना के तहत शिक्षारत युवाओं को देश में स्थापित मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से डिप्लोमा/डिग्री के लिए अधिकतम 30 लाख तक और विदेशी शिक्षण संस्थानों से डिप्लोमा/डिग्री के लिए अधिकतम 40 लाख तक की ऋण सुविधा प्रदान की जाएगी। इस अवसर पर उनके साथ मस्तराम, पवन कुमार, जोगिंदर सिंह ठाकुर, लालाराम ठाकुर, अमर सिंह ठाकुर, सुरेंद्र ठाकुर, एलडी वर्मा, हरिराम ठाकुर उपस्थित रहे।