जिले में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की होगी पहचान
घर-घर पहुंचेंगी आशा कार्यकर्ता, ओआरएस बांटेंगी
सुरक्षित खानपान को लेकर किया जाएगा जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में उल्टी-दस्त के बढ़ते मामलों की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार से दो माह का विशेष अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं की टीमें घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों की पहचान करेंगी और परिवारों को डायरिया से बचाव के उपायों की जानकारी देंगी।
आशा कार्यकर्ता घरों में जाकर बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाएंगी। इसके अलावा जरूरतमंद बच्चों को ओआरएस के पैकेट, आवश्यक दवाइयां और टेबलेट वितरित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से गर्मी के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। चिकित्सकों के अनुसार बासी भोजन और दूषित पानी के सेवन से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में स्वच्छ पेयजल का उपयोग, भोजन को ढककर रखना और व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखना जरूरी है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मी लोगों को हाथ धोने की सही आदत, खुले में रखे खाद्य पदार्थों से बचाव और बच्चों की विशेष देखभाल के बारे में भी जागरूक करेंगे। विभाग का लक्ष्य समय रहते लोगों तक जागरूकता पहुंचाकर डायरिया के मामलों में कमी लाना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि जिले में डायरिया की रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान करेंगी और जरूरत के अनुसार दवाइयां उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को लगातार उल्टी-दस्त, कमजोरी या शरीर में पानी की कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए, ताकि समय पर उपचार मिल सके।