मंडी भराड़ी में नया बस स्टैंड बनने की कवायद से व्यापार पर संकट
फोरलेन निर्माण के बाद पहले ही ठप पड़ा कारोबार, अब रोज़ी-रोटी पर ही संकट
एम्स के निर्माण के बाद भी स्थानीय व्यापार को नहीं मिला कोई विशेष लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला मुख्यालय के पुराने बस अड्डा के इर्द-गिर्द कारोबार कर रहे सैकड़ों दुकानदार चिंतित हैं। उनका कहना कि नया बस अड्डा बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस प्रस्तावित बस स्टैंड के लिए कागजी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। ऐसे मेें दुकानदारों का कहना है कि यदि बस अड्डा शिफ्ट होता है तो यहां के व्यापारियों पर रोजी रोटी का संकट आ जाएगा।
दुकानदारों का कहना है कि कीरतपुर-मनाली फोरलेन बनने के बाद से ही बिलासपुर बस अड्डा की रौनक फीकी पड़ चुकी है। पहले लंबी दूरी की अनेक बसें वाया बिलासपुर चला करती थीं, लेकिन अब उनके रूट बदल दिए गए हैं। अब गिनती की सरकारी बसें और कुछ निजी बसें ही यहां आती हैं, जिससे व्यापार ठप हो चला है। बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से पुराने बस रूट बहाल करने और बसों की आवाजाही बढ़ाने की मांग की, ताकि रोज़ी-रोटी चलती रहे, लेकिन हालात दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे हैं। मंडी भराड़ी के समीप नया बस अड्डा बनने की प्रक्रिया से इन दुकानदारों की परेशानी और बढ़ गई है। बस स्टैंड क्षेत्र के रेहड़ी-फड़ी संचालक, स्थायी खोखाधारक और अस्थायी व्यवसायी प्रदीप गुप्ता, दीप चंद, आसिफ, नरेश, संजीद, मस्तराम, धीरज, रवि, मनीष, परवेज और अजय ने बताया कि फोरलेन सड़क निर्माण के कारण बिलासपुर का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि एम्स के निर्माण के बाद भी स्थानीय व्यापार को कोई विशेष लाभ नहीं मिला। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें मंडी भराड़ी में बस अड्डा बनने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन बिलासपुर बस अड्डा का ऐतिहासिक और व्यावसायिक महत्व बरकरार रहना चाहिए। डीसी ऑफिस, जिला अस्पताल, डिप्टी डायरेक्टरेट ऑफिस, कॉलेज और स्कूलों के समीप स्थित यह बस स्टैंड हजारों लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा है। इसलिए यहां लंबी दूरी की और निजी रूटों की बसों को वाया बिलासपुर चलाया जाना जरूरी है, ताकि रौनक लौटे और कारोबार फिर से पटरी पर आ सके।
कोट
मंडी भराड़ी में प्रस्तावित बस अड्डा के लिए औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं, लेकिन भूमि की अतिरिक्त उपलब्धता को लेकर मामला फिलहाल ठंडे बस्ते में है। यदि मंडी भराड़ी में बस स्टैंड का निर्माण होता भी है, तो बिलासपुर के पुराने बस अड्डा के अस्तित्व से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। बिलासपुर बस अड्डा पर अतिरिक्त लंबी दूरी की बसों की आवाजाही भी बढ़ाई जाएगी, ताकि स्थानीय व्यापार प्रभावित न हो।
संदीप सांख्यान, एचआरटीसी परचेज कमेटी के सदस्य