मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण घुमारवीं ने सुनाया फैसला
बस चालक को दोषी ठहराया, एचआरटीसी को राशि देने के आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण घुमारवीं ने एचआरटीसी बस की टक्कर से घायल हुए अधिवक्ता को 16 लाख 21 हजार 858 रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधिकरण के अध्यक्ष ने सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने बस चालक को दोषी ठहराते हुए एचआरटीसी को यह राशि साढ़े प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के निर्देश दिए। मामले के अनुसार तीन अप्रैल 2018 को गांव गतवाड़ में एचआरटीसी बस ने सामने से आ रहे अधिवक्ता की मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी थी। इस हादसे में अधिवक्ता को गंभीर चोटें आई थीं और उनके दाहिने पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उन्होंने बताया कि वे पेशे से अधिवक्ता हैं और दुर्घटना के बाद लंबे समय तक काम करने में असमर्थ रहे। उनका इलाज बिलासपुर, हमीरपुर और टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा में चला। एचआरटीसी और बस चालक ने अदालत में कहा कि दुर्घटना अधिवक्ता की अपनी लापरवाही से हुई थी, लेकिन न्यायालय ने सबूतों के आधार पर चालक को दोषी ठहराया। अधिवक्ता को चिकित्सकीय जांच में 46 फीसदी स्थायी विकलांगता पाई गई। न्यायालय ने उनकी मासिक आय 15 हजार रुपये मानते हुए मुआवजा राशि निर्धारित की। न्यायालय ने आदेश दिया कि एचआरटीसी मुआवजा राशि ब्याज सहित याचिका दाखिल करने की तिथि 21 नवंबर 2019 से भुगतान तक अदा करे। किसी भी अंतरिम मुआवजे को अंतिम राशि से समायोजित किया जाएगा।