बाबा बालक नाथ की तपोभूमि शाहतलाई में बाबा जी के दर्शनों को आने वाले श्रद्धालुओं को गर्मियों के मौसम में भी पेयजल किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का अब जल्द ही समाधान होगा। इसके लिए मंदिर न्यास ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को 50 और 10 हजार लीटर के दो टैंकों का एस्टीमेट तैयार करने को कहा है। गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले इन टैंकों का निर्माण किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बाबा बालक नाथ के दर्शनों के लिए हर रो हजारों की संख्या श्रद्धालु तपोभूमि शाहतलाई पहुंचते है। इतना ही नहीं शाहतलाई में चैत्र मास में एक मेले का आयोजन होता है। यह उत्तर भारत का सबसे अधिक लंबा चलने वाले मेलों में शामिल है।
इस मेले में लाखों की सख्यां में श्रद्धालु देश-विदेशों से शाहतलाई में आकर बाबा जी के तपोस्थली मंदिरों में शीश झुकाते है। मंदिर प्रशासन उनकी सुविधा के लिए हर संभव प्रयास करता है। मगर गर्मी का मौसम व प्रकृतिक जल स्रोतों का स्तर नीचे चले जाने से श्रद्धालुओं को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ता है।
इसको देखते हुए मंदिर न्यास ने मंदिर अध्यक्ष आदित्य नेगी और न्यासियों ने समस्या से निपटने के लिए वट वृक्ष मंदिर के समीप 50 हजार लीटर अज्ञैर गुरनाझाड़ी मंदिर के समीप 10 हजार लीटर की क्षमता वाले दो टैंकों का निर्माण करने प्रस्ताव उपायुक्त बिलासपुर को भेजा। इसकी स्वीकृति मिलते ही मंदिर न्यास ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को इसका प्राक्कलन बनाने का जिम्मा सौंपा है।
मंदिर न्यासी पवन कौशल, देशराज शर्मा और देवराज ने बताया कि टैंकों का निर्माण होने से मंदिर परिसर को 24 घंटे पानी की सप्लाई मिलेगी। उन्होंने बताया कि गर्मियों में श्रद्धालुओं को ठंडा पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए दो बड़े वॉटर कूलर लगाने की भी योजना है। इससे श्रद्धालुओं को ठंडा पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। मंदिर न्यास के कनिष्ठ अभियंता विजय ठाकुर ने बताया कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग से दो बड़े टैंकों को बनाने का 8 लाख 29 हजार को प्राक्कलन बनाया है इसे स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।