चुनावी मुद्दा
अधूरा सीवरेज प्रोजेक्ट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन, उप तहसील की मांग पर गरमाई चुनावी चर्चा
लोग बोले- धरातल पर पूरे नहीं होते हैं चुनावों में किए गए वादे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बाबा बालक नाथ की तपोस्थली शाहतलाई नगर पंचायत में इस बार चुनावी सरगर्मियां पूरी तरह स्थानीय समस्याओं के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही हैं। 17 मई को होने वाले नगर पंचायत चुनाव में अधूरा सीवरेज प्रोजेक्ट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अधूरा भवन, सार्वजनिक सुविधाओं की कमी और उप तहसील का मुद्दा प्रमुख चुनावी विषय बन गया है। चुनाव प्रचार के दौरान प्रत्याशी भी इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं।
धार्मिक नगरी शाहतलाई में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही बनी रहती है। बाबा बालकनाथ के दर्शन के लिए हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन नगर पंचायत क्षेत्र में बेहतर सीवरेज व्यवस्था नहीं होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पहले शुरू हुआ सीवरेज प्रोजेक्ट आज तक पूरा नहीं हो पाया, जिसके चलते गंदे पानी की निकासी की समस्या लगातार बनी हुई है। श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने और धर्मशालाओं में कम क्षमता वाले सेफ्टी टैंक भर जाने के कारण कई बार गंदा पानी नालियों और सड़कों पर बहने लगता है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को भी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। कई स्थानों पर दुर्गंध और गंदगी के कारण लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल होने के बावजूद सफाई व्यवस्था उम्मीदों के अनुरूप नहीं है। नगर पंचायत क्षेत्र में पर्याप्त सार्वजनिक शौचालयों की कमी भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बनी हुई है। श्रद्धालुओं के लिए स्थायी स्नानागार न होने से भी लोगों को परेशानी होती है। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों का कहना है कि यदि आधारभूत सुविधाओं को बेहतर किया जाए तो शाहतलाई धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में और अधिक विकसित हो सकता है।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का अधूरा भवन भी लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत न होने के कारण उन्हें छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है। वहीं कुछ समय पहले प्रस्तावित उप तहसील को डिनोटिफाई करने का मामला भी अब चुनावी मुद्दे के रूप में उभर आया है। स्थानीय लोग इसे क्षेत्र की अनदेखी से जोड़कर देख रहे हैं।
इनसेट
शाहतलाई में सीवरेज की समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। बरसात के दिनों में हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। इस बार जनता ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहती है जो केवल वादे न करे बल्कि जमीन पर काम भी करे। - अब्दुल खालिक
इनसेट
धार्मिक नगरी होने के बावजूद यहां श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त सार्वजनिक सुविधाएं नहीं हैं। शौचालय और स्नानागार की कमी के कारण बाहर से आने वाले लोगों को परेशान होना पड़ता है। नगर पंचायत को इस दिशा में प्राथमिकता से काम करना चाहिए। - विजय कुमार
इनसेट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन लंबे समय से अधूरा पड़ा है। लोगों को उपचार के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। यदि स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत हों तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी राहत मिलेगी। -राजेश कुमार
इनसेट
उप तहसील का मुद्दा लोगों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। क्षेत्र के लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासनिक सुविधाएं बढ़ेंगी, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। चुनाव में यह मुद्दा जरूर असर डालेगा। - रमन
राजेश कुमार
राजेश कुमार
राजेश कुमार