ग्राउंड रिपोर्ट
25 साल पुरानी सीवरेज लाइन की सड़क पर बह रही गंदगी
खाने-पीने की दुकानों के बीच बहता सीवरेज, बीमारियों का बढ़ा खतरा
संजीव शामा
घुमारवीं (बिलासपुर)। बस स्टैंड से सटी न्यू इंदिरा मार्केट में प्रशासनिक बेरुखी के चलते सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यहां एक सीवरेज चैंबर पिछले कई दिनों से उफन रहा है, जिससे निकलने वाला मल-मूत्र और दूषित पानी सड़कों पर बह रहा है।
हालात ऐसे हैं कि लोग नाक पर रुमाल रखकर इस इलाके से गुजरने को मजबूर हैं। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों को इस गंभीर स्थिति का पता तक नहीं। महज यह कह देना कि कोई शिकायत नहीं मिली, प्रशासनिक संवेदनहीनता को उजागर करता है। सवाल यह भी उठता है कि क्या विभाग के कर्मचारी कभी क्षेत्र का निरीक्षण नहीं करते।
यह सीवरेज लाइन करीब 25 साल पुरानी है। तब से अब तक शहर की आबादी और दुकानों की संख्या कई गुना बढ़ चुकी है। इसके बावजूद सीवरेज सिस्टम की क्षमता को नहीं बढ़ाया गया है। संकरी और पुरानी पाइपलाइन बार-बार बंद हो रही है। इसका दुकानदारों और लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिस जगह सीवरेज लाइन लीक हो रही है, उसके आसपास ढाबे, मिठाई की दुकानें और खाद्य सामग्री के स्टोर हैं। हवा में फैली तीखी दुर्गंध के कारण दुकानों के भीतर बैठना मुश्किल हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि गंदगी देखकर ग्राहक बिना रुके लौट जाते हैं, जिससे कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो यह गंदगी किसी बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है। नगर परिषद सुधार के दावे तो करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है।
सीवरेज की समस्या कई वर्षों से लगातार बनी हुई है। गंदा पानी और बदबू के बीच दुकानदारों को काम करना पड़ रहा है। खाने-पीने की दुकानों के आसपास ऐसे हालात जनस्वास्थ्य के लिए खतरा हैं। जल शक्ति विभाग को स्थायी समाधान करना चाहिए।
जगत पाल शर्मा, दुकानदार
सीवरेज ओवरफ्लो की समस्या वर्षों से चली आ रही है। आज तक ठोस हल नहीं निकला। दुकानदार बदबूदार पानी में खड़े होकर रोजी-रोटी चला रहे हैं। ग्राहक आने से कतराते हैं। जल शक्ति विभाग को जमीनी स्तर पर कार्रवाई कर इस गंभीर समस्या से लोगों को राहत दिलानी चाहिए।
दिनेश धर्माणी, दुकानदार
हर बार सिर्फ अस्थायी मरम्मत कर दी जाती है। गंदा पानी दुकानों के अंदर तक पहुंच रहा है। इससे स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। विभाग को मामले की गंभीरता समझते हुए स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।
आयुष
सीवरेज को लेकर हालात बेहद खराब हैं। बदबू और गंदे पानी से व्यापार प्रभावित हो रहा है। लोग यहां आने से बच रहे हैं। जल शक्ति विभाग को जिम्मेदारी निभाते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि दुकानदारों और आम लोगों को राहत मिल सके।
अजय कौशल, दुकानदार
ऐसी कोई शिकायत नहीं आई जिससे मामला ध्यान में आए। अब सूचना मिली है, तो तुरंत कर्मचारी भेजकर इसे ठीक करवाया जाएगा ताकि लोगों को परेशानी न हो।
मस्तराम चौहान, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग, घुमारवीं
आयुष
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