कोर्ट जाने की दी चेतावनी, सरकार से शीघ्र समाधान की मांग
डीए, एरियर और मेडिकल बिलों के भुगतान में विलंब पर जताई नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन जिला बिलासपुर ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान में हो रही देरी पर कड़ा रोष जताया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो संगठन न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होगा।
जिला अध्यक्ष नरेश ठाकुर और महासचिव सुशील चंदेल ने संयुक्त बयान में कहा कि महंगाई भत्ता, डीए, वेतन आयोग के एरियर और मेडिकल बिलों के भुगतान में लगातार देरी से कर्मचारियों और पेंशनरों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। बढ़ती महंगाई के बीच परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है जबकि सरकार की ओर से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारियों को किस्तें जारी होने के बावजूद बकाया एरियर अब तक नहीं मिला है, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है। स्पष्ट किया कि वेतन और पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है कोई सुविधा नहीं। संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप कर लंबित डीए, एरियर और मेडिकल बिलों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो एचपीएसएसए बिलासपुर कानूनी विकल्प अपनाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। एचपीएसएलए बिलासपुर ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें वर्ष 2003 से लागू कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों से संबंधित कर्मचारी याचिका खारिज की गई है। संगठन ने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा कि इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों को राहत मिलेगी और उनकी नौकरी सुरक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। इस अवसर पर संगठन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।