- बाहोट कसोल में मनाया जिला स्तरीय अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। महिलाएं घर-परिवार, समाज और राष्ट्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाती हैं। यह बात स्वास्थ्य शिक्षक दीपचंद गौतम ने बाहोट कसोल में आयोजित कार्यक्रम में कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं के इसी खास योगदान के लिए उनका आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन बाहोट कसोल में किया गया। स्वास्थ्य शिक्षक दीप कुमार ने महिलाओं को जानकारी देते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के लिए समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। सबसे पहले 1970 में संयुक्त राष्ट्र संघ में महिलाओं के लिए अवकाश घोषित किया। तब से लेकर अब तक महिला दिवस का आयोजन 8 मार्च को किया जाने लगा। महिलाओं ने इसी को ध्यान में रखते हुए 8 मार्च 1975 को संयुक्त राष्ट्र संघ ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को मान्यता दी। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम से लेकर वर्तमान समय तक समाज निर्माण के लिए महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की। इस दौरान जिला टीबी समन्वयक मनीष कुमार ने टीबी अभियान की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने टीबी को 2025 तक खत्म करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य जन भागीदारी के सहयोग से ही प्राप्त किया जा सकता है। इसलिए इस बीमारी को खत्म करने के लिए जन सहयोग की बहुत आवश्यकता है। इस मौके पर महिला मंडल बाहोट कसौल की महिलाओं ने मेहंदी प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसमें पल्लवी देवी ने पहला, वंदना कुमारी ने दूसरा और भारती ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रियंका कुमारी और वंदना कुमारी सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।