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अभद्र व्यवहार करने पर आरकेएस सचिव का जताया विरोध

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घुमारवीं मे रोगी कल्याण समिति की बैठक मे मौजूद अराजपत्रित कर्मचारी संघ के पदाधिकारी व सदस्य। - फोटो : BILASPUR
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घुमारवीं(बिलासपुर)। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ खंड घुमारवीं के प्रधान सुरेश चंदेल की अध्यक्षता में घुमारवीं में बैठक की गई। बैठक में सभी कर्मचारी नेताओं ने सिविल अस्पताल घुमारवीं में रोगी कल्याण समिति के सचिव द्वारा कर्मचारियों के साथ किए जा रहे अभद्र व्यवहार का कड़े शब्दों में विरोध किया।
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अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ घुमारवीं ने रोगी कल्याण समिति के चेयरमैन उपमंडलाधिकारी घुमारवीं शशी पाल शर्मा और खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अभिनीत शर्मा से आग्रह किया कि रोगी कल्याण समिति का सचिव अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर रहा है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सदस्य सचिव ने जो मांगे रखी कि डॉक्टर के लिए डायनिंग टेबल खरीदा जाए। डॉक्टर के रूम में एलईडी लगाया जाए। डॉक्टर की ओपीडी में एसी लगाए जाएं। डॉक्टर की ओपीडी में गेस्ट चेयर खरीदने की मांग रखी तथा ओपीडी में डॉक्टर के लिए रिवेल्विंग कुर्सी ली जाए। इस प्रकार की मांगे रखी गई। जिसका रोगी कल्याण समिति की बैठक में रखने का कोई औचित्य नहीं था। कहा कि रोगी कल्याण समिति का मुख्य कार्य रोगियों की भलाई और उनको अच्छी स्वास्थ्य सुबिधा देने का होता है। उन्होंने कहा कि रोगी कल्याण समिति के एजेंडे में न तो रोगियों को और न ही किसी कर्मचारी को लाभ देने वाला था।
चंदेल ने कहा कि वर्ष 2019-20 में अब तक 91.13 लाख रुपये रोगी कल्याण समिति खर्च कर चुकी है। लेकिन जब रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत रखे गए कर्मचारियों जो 24 घंटे कार्य करने पर तत्पर होते हैं। उनके वेतन में बढ़ोतरी की बात की जाती है तो समिति के पास पैसा कम है यह दर्शाया जाता है। महासंघ ने मांग की है कि 28 मार्च 2016 में जो सरकार द्वारा रोगी कल्याण समिति से रखे कर्मचारियों के वेतन की नोटिफिकेशन निकाली है। उसके अनुसार रोगी कल्याण समिति के अंतर्गत लगाए कर्मचारियों को वेतन दिया जाए ताकि वह भी अपना तथा अपने परिवार का गुजारा कर सके।
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