निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे के पुनर्चक्रण पर केंद्रित है अध्ययन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज, बंदला के शोधकर्ताओं ने शैक्षणिक क्षेत्र में उपलब्धि हासिल की है। कॉलेज के शोधकर्ता इंजीनियर पंकज चौहान की ओर से तैयार शोध पत्र को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका इनोवेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस में प्रकाशन के लिए स्वीकार किया गया है। यह शोध पत्र डॉ. अभिषेक धीमान के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।
शोध पत्र का शीर्षक ए रिव्यू ऑन ट्रांसफॉर्मिंग कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन वेस्ट इन टू हाई-परफॉर्मेंस रीसाइकिल्ड कंक्रीट एग्रीगेट्स: एन इंडियन कॉन्टेक्स्ट है। इसमें भारत के संदर्भ में निर्माण और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे का पुनर्चक्रण कर उच्च गुणवत्ता वाली पुनर्चक्रित कंक्रीट सामग्री तैयार करने की संभावनाओं की समीक्षा की गई है। डॉ. अभिषेक धीमान ने बताया कि भारत में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण निर्माण एवं तोड़फोड़ से उत्पन्न कचरा पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में इस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्चक्रण कर निर्माण कार्यों में उपयोग करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह शोध टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल नागरिक संरचनाओं के विकास के साथ निर्माण कचरे के प्रभावी प्रबंधन की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका में शोध पत्र के प्रकाशन के लिए स्वीकार होने से कॉलेज में खुशी का माहौल है।