संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के तहत तुनहु में टनल निर्माण के दौरान घटिया सरिया साइट पर रखने की पुष्टि परियोजना निदेशक नवीन मिश्रा ने पत्र संख्या एनएचएआई/पीडी/पीआईयू-मंडी/आरटीआई 18/2636 में की है। उन्होंने कहा कि टनल निर्माण की साइट पर रखा घटिया सरिया हटा दिया गया है। मामला सामने आने के बाद जब अथॉरिटी मै. आईसीटी लिमिटेड ने वहां का निरीक्षण किया तो निर्माण के लिए अस्वीकृत टीएमटी स्टील को वहां से हटाया गया।
फोरलेन में टनल निर्माण के लिए मात्र जिंदल का जंग रोधक सरिया लगाने के आदेश थे, लेकिन निर्माण कार्य कर रही कंपनी ने इसके निर्माण के लिए नंदन और फॉरच्यून सरिये का इस्तेमाल किया। जब मामला सामने आया तो कंपनी ने 14 जनवरी को इस सरिये को साइट से भी हटा दिया था। 14 और 15 जनवरी को अमर उजाला में मामला प्रकाशित होने के बाद उपायुक्त पंकज राय ने एनएचएआई से इस पर कमेंट मांगे थे। इस पर कार्रवाई करते हुए घटिया सरिये को हटाने की रिपोर्ट अब एनएचएआई के प्रोजेक्ट निदेशक ने दी है। परियोजना निदेशक एनएचएआई नवीन मिश्रा ने उपायुक्त को संबोधित पत्र और फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव को प्रेषित की गई प्रतिलिपि में जानकारी दी कि अथॉरिटी इंजिनियर मै. आईसीटी लिमिटेड ने स्थान का निरीक्षण किया और अस्वीकृत टीएमटी स्टील को हटा दिया गया है।
एनएचएआई ने स्टील हटाने की बात तो की, लेकिन टनल में लगे घटिया सरिये की जांच पर कोई कदम नहीं उठाए हैं। टनल नंबर 3 के चैनेज नंबर 23+600 आरडी नंबर 336 से 415 तक 79 मीटर एरिया के बैंचिंग लेटिस गार्ड, बैंचिंग और रॉक बोल्ट में नंदन और फॉरच्यून का सरिया लगा है। टनल में 6 की जगह 3 मीटर के रॉक बोल्ट लगाए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद अब फोरलेन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने परियोजना निदेशक और उपायुक्त बिलासपुर से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए टनल निर्माण में लगे सरिये की जांच हो।
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