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Bilaspur News: रजिस्ट्रार ने बरमाणा ट्रक ऑपरेटर सोसायटी की बैठक पर लगाई रोक

Mon, 03 Nov 2025 11:46 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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जिला ट्रक ऑपरेटर कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड बरमाणा का भवन। संवाद
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अदालत से
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एक्सक्लूसिव

रजिस्ट्रार,सहकारी सभाएं शिमला ने मामले की सुनवाई में जारी किए आदेश
प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा टली, रजिस्ट्रार ने माना प्रक्रिया में खामी
तीन साल के कार्यकाल में पांच बार आ चुका है अविश्वास प्रस्ताव

सरोज पाठक
बिलासपुर। बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड बरमाणा में गुटबाजी के माहौल के बीच बड़ा फैसला आया है। रजिस्ट्रार, सहकारी सभाएं हिमाचल प्रदेश शिमला ने 4 नवंबर को प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव की विशेष बैठक पर अंतरिम रोक लगा दी है। आदेश में कहा गया है कि सोसायटी के पदाधिकारी अब केवल दैनिक कार्यों तक सीमित रहेंगे, कोई बड़ा नीतिगत निर्णय नहीं लेंगे।
यह आदेश ध्यान सिंह ठाकुर व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी हुआ। याचिका बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर्स को ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड बरमाणा के विरुद्ध हिमाचल प्रदेश सहकारी सभाएं अधिनियम के तहत दाखिल की गई थी। सोसायटी सचिव ने 27 अक्तूबर को नोटिस जारी कर 4 नवंबर को सुबह 11 बजे सोसायटी मुख्यालय बरमाणा में विशेष बैठक बुलाने की घोषणा की थी। एजेंडे में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना शामिल था। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि बैठक बुलाने की प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश सहकारी सभाएं नियम, 1971 के नियम 44 और 48 के विपरीत है। सचिव को बैठक बुलाने का अधिकार केवल अध्यक्ष के निर्देश पर है, लेकिन इस बार बैठक सहायक पंजीयक के आदेश पर बुलाई गई। बताया कि इससे पहले भी पांच बार अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिशें हो चुकी हैं, जिससे संस्था की कार्यप्रणाली प्रभावित हुई है।
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प्रतिवादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि याचिका समय से पहले दायर की गई है क्योंकि अभी बैठक हुई ही नहीं है। सहायक पंजीयक के माध्यम से बैठक बुलाना नियम 48 के तहत वैध है, और वर्तमान नेतृत्व ने अधिकांश सदस्यों का विश्वास खो दिया है, इसलिए अविश्वास प्रस्ताव आवश्यक कदम है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद रजिस्ट्रार ने पाया कि प्रथम दृष्टया बैठक बुलाने की प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं है। आदेश में कहा गया है कि नियम के तहत सचिव केवल अध्यक्ष के निर्देश पर ही बैठक बुला सकता है। जबकि इस मामले में बैठक सहायक पंजीयक के आदेश पर बुलाई गई, जो नियमों के विपरीत है। इस आधार पर 4 नवंबर की बैठक पर अंतरिम रोक लगाई गई है। रजिस्ट्रार ने यह भी निर्देश दिए कि मौजूदा पदाधिकारी केवल दैनिक कार्य करेंगे, कोई नया निर्णय नहीं लेंगे।
इनसेट
अगली सुनवाई 14 नवंबर को
रजिस्ट्रार कार्यालय ने यह आदेश 1 नवंबर की सुनवाई के बाद 3 नवंबर को जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 14 नवंबर 2025 दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है। रजिस्ट्रार के आदेशों के बाद सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं बिलासपुर ने 3 नवंबर को पत्र जारी कर सचिव को निर्देश दिए कि 4 नवंबर को निर्धारित विशेष बैठक आगामी आदेशों तक स्थगित की जाए।
इनसेट
संस्था में लगातार गुटबाजी का दौर
बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर्स कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड, बरमाणा जिले की सबसे बड़ी परिवहन संस्था है। यह सैकड़ों ट्रक ऑपरेटरों का प्रतिनिधित्व करती है और औद्योगिक इकाइयों को ढुलाई सेवाएं उपलब्ध कराती है। पिछले कुछ वर्षों से संस्था में नेतृत्व को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहे हैं। लगातार अविश्वास प्रस्तावों और बैठकों ने संस्था की स्थिरता को प्रभावित किया है।
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इनसेट
तीन साल में छठी बार बन सकती है नई कार्यकारिणी
सोसायटी के चुनाव को तीन साल पूरे हो चुके हैं, और इस दौरान छठी बार नई कार्यकारिणी बनने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हर बार अविश्वास प्रस्ताव और आंतरिक मतभेदों के कारण संस्था में स्थायित्व नहीं बन पा रहा। जानकारी के अनुसार, लगातार विवादों से ट्रक ऑपरेटरों में असंतोष है और संस्था के कामकाज पर असर पड़ रहा है। संवाद
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