घुमारवीं के संजीव सोनी की डॉक्यूमेंट्री 25 अक्तूबर को होगी प्रदर्शित
देहरादून में जीत चुकी है सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का खिताब
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल के पारंपरिक लोक वाद्य रणसिंघा की गूंज अब उज्जैन तक पहुंचेगी। घुमारवीं के युवा फिल्म निर्माता संजीव सोनी की लघु डॉक्यूमेंट्री रणसिंघा को उज्जैनी शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल सीजन-4 में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। फिल्म 25 अक्तूबर को उज्जैन में प्रदर्शित होगी। इससे पहले यह देहरादून अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री का खिताब जीत चुकी है।
फेस्टिवल में 232 भारतीय और आठ अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में से रणसिंघा सहित कई फिल्मों को स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। संजीव सोनी की इस डॉक्यूमेंट्री को धर्मशाला फिल्मोत्सव में दूसरा स्थान मिल चुका है, जबकि गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म प्रतियोगिता में भी इसने शीर्ष स्थान हासिल किया था।
फिल्म में हिमाचल के पारंपरिक लोक संगीत, लोक वाद्यों, लोकगीतों और लोक संस्कृति को दर्शाया गया है। फिल्म निर्माता संजीव सोनी ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक वाद्य यंत्रों का संरक्षण जरूरी है। उन्होंने फिल्म निर्माण में सहयोग देने वाले कैमरामैन विवेक गर्ग, रणसिंघा वादक जगदीश चंद, वरिष्ठ संगीतज्ञ डॉ. सुरेश शर्मा और लोक साहित्यकार डॉ. सूरत राम ठाकुर का आभार जताया।
डॉ. सुरेश शर्मा ने डॉक्यूमेंट्री की उपलब्धि को हिमाचल के लिए बड़ी बात बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रतिभाशाली कलाकारों की कमी नहीं है। सरकार प्रयास करे तो हिमाचल में छोटा फिल्म उद्योग स्थापित हो सकता है। इससे स्थानीय कलाकारों को मंच और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने युवा फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों को प्रोत्साहित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।