जिला के भराड़ी और नम्होल क्षेत्र में तेंदुए के खौफ के बाद अब राजपुरा क्षेत्र में बुधवार को तेंदुए ने घर लौट रहे कारोबारी पर हमला करने का प्रयास किया। हालांकि दुकानदार ने समझदारी दिखाते हुए जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। उसके चिल्लाने की आवाजें सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे गए। इसके बाद तेंदुआ मौके से भाग गया। तेंदुए की ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूदगी से क्षेत्र के लोग बुरी तरह से सहमे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार स्थानीय निवासी सुरेंद्र बुधवार शाम करीब साढ़े सात बजे दुकान बंद करके अपने घर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया। मौके की भांपते हुए सुरेंद्र कुमार ने जोर-जोर से ग्रामीणों को आवाजें लगाना शुरू कर दिया।
शोर सुनकर ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों को देखकर तेंदुआ वहां से भाग गया। तेंदुए की मौजूदगी से डरे हुए ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त बिलासपुर और वन विभाग के अधिकारियों से मिला। ज्ञापन सौंपकर ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने की गुहार लगाई है।
ग्राम पंचायत राजपुरा के प्रधान राम दयाल, कुलदीप सिंह, सुरेंद्र, किरपा शर्मा, बलवीर, राजकुमार, महेंद्र, प्रेमलाल, भोलू और प्रकाश ने बताया कि पंचायत के मरोग निवासी सुरेंद्र कुमार वन विभाग की नर्सरी के निकट राजपुरा में दुकान करता है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पहले भी ग्रामीणों का तेंदुए का साथ सामना हुआ है।
लेकिन अभी तक किसी तरह के जान माल का नुकसान नहीं हुआ है। इससे पहले कि तेंदुआ किसी को नुकसान पहुंचाए तेंदुए को पकड़ कर किसी सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए। इससे पहले भराड़ी क्षेत्र के दधोलकंला में तेंदुए ने स्थानीय निवासी तिलकराज पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। करीब एक महीने की जदोजहद के बाद शूटरों ने तेंदुए को ढेर करने में कामयाबी हासिल की है। वन अरण्यपाल अनिल जोशी का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए कारगर कदम उठाए जाएंगे।