-इन स्कूलों के निर्माण पर जिले में ही 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि होगी खर्च
-विद्यार्थियों को समग्र और गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में स्कूल होंगे मददगार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर के चारों विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं। इनमें बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। इन स्कूलों के निर्माण पर जिले में ही 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय की जाएगी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटवाड़ में क्लस्टर स्तरीय वार्षिक पारितोषिक समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने के बाद यह बात कही।
उन्होंने बताया कि घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के हटवाड़ में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल खोला जा रहा है। इससे क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा। डे बोर्डिंग स्कूल जहां विद्यार्थियों को समग्र और गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने में मददगार होंगे, वहीं उनके बौद्धिक और शारीरिक विकास के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। इन स्कूलों में ऐसे नागरिक तैयार करने की कवायद है जो बहुआयामी प्रतिभा के धनी होंगे। प्रदेश सरकार की राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों की परिकल्पना वास्तव में विद्यार्थियों को एक ही शिक्षा परिसर में विभिन्न प्रकार की शैक्षिक और बौद्धिक सुविधाएं प्रदान कर उनका सर्वांगीण विकास करना है। इन स्कूलों में हाई-टेक स्मार्ट क्लासरूम, खेल के मैदान, इंडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल, म्यूजिक रूम सहित अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस स्कूल में सभी प्रकार की एक्टिविटी करवाई जाएंगी जिससे बच्चों का चहुंमुखी विकास हो सके। क्लस्टर स्तरीय वार्षिक उत्सव राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हटवाड़ के अंतर्गत सात पाठशालाओं के लगभग 700 छात्र- छात्राओं ने भाग लिया। इसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोट, पंतेहड़ा, राजकीय उच्च पाठशाला हम्बोट, राजकीय माध्यमिक पाठशाला बम, घंडालवीं व बाड़ी-चौक ने भाग लिया। इस अवसर पर बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक की प्रस्तुति किया। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि क्लस्टर स्कूल सभी व्यावहारिक उद्देश्यों के लिए एक मॉडल समग्र शैक्षणिक संस्थान के रूप में कार्य करेंगे। क्लस्टर का उद्देश्य बच्चों का समग्र विकास करना है, ताकि वह भविष्य की चुनौतियों का सामना कर सकें। उन्होंने कहा कि संसाधनों को साझा कर, समग्र गतिविधियों के जरिये गुणात्मक शिक्षा में सुधार के लिए क्लस्टर स्कूल बनाए गए हैं। कहा कि आज के स्पर्धात्मक युग में अंग्रेजी विषय का ज्ञान महत्वपूर्ण है। इसी दृष्टिकोण को अपनाते हुए आगामी शैक्षणिक सत्र से सभी सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा आरंभ करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जहां शिक्षा के स्तर को बढ़ाएगा, वहीं छात्रों में आत्मविश्वास भी भरेगा। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटवाड की छात्रा शिवांजलि वर्मा ने क्लस्टर की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी।
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सोलर पावर प्लांट के लिए तीन बीघा भूमि की जरूरत
मंत्री ने कहा कि सोलर पावर प्लांट के लिए तीन बीघा जमीन की आवश्यकता है। ऐसी जमीन, जिसमें सुबह से शाम तक धूप आती है। जमीन समतल हो। जहां पर लोग खेती भी न करते हों, जिसको खाली छोड़ा हो, वहां पर यह प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। प्लांट 100 किलोवाट का लगेगा। इस पर 40 लाख रुपये का खर्चा आएगा। इसके लिए लोगों को चार लाख रुपये तक की सिक्योरिटी देनी है, जोकि 25 साल बाद वापस हो जाएगी। सरकार लोगों की सहायता के लिए 12 लाख रुपये देगी। बैंक से 24 लाख रुपये तक का लोन लिया जाएगा। इसकी गारंटी प्रदेश सरकार देगी। इसकी एवज में जो बैंक की किस्त बनेगी वह बैंक जाती रहेगी। प्लांट से लोगों को अगले 25 साल तक हर महीने 23 हजार रुपये की आमदनी शुरू हो जाएगी।