शाहतलाई (बिलासपुर)। जिले में रविवार रात को हुई बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। भारी बारिश से जिला में करीब 60 फीसदी गंदम की फसल नष्ट हो चुकी है। भारी बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल झड़ की ही खेतों में गिर गई है। जिस कारण जिले के सैकड़ों किसानों पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। जिला बिलासपुर में 65 हजार किसान परिवार खेतीबाड़ी पर निर्भर हैं। इस साल दिसंबर महीने से लेकर अब तक मौसम का रुख बदला हुआ है। पहले समय-समय पर बारिश होने से किसानों की फसल अच्छी तरह से तैयार हो गई थी। अब बारिश ने ही इसे उजाड़ दिया है।
पीले रतुए से भी किसानों की फसल को काफी नुकसान हो गया है। मार्च के अंतिम सप्ताह में किसानों की गेहूं की फसल पककर तैयार हो जाती थी। इस बार अप्रैल के अंतिम सप्ताह में पक कर तैयार हुई तो इंद्र देवता ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए। रविवार को हुई बारिश ने किसानों की कटी फसल को खराब कर दिया है। किसानों में सुशील कुमार, बर्फी राम, जगदीश चंद, प्रेम चंद, राजकुमार, राम रतन शर्मा का कहना है कि उन्होंने गेहूूं की फसल की कटाई पूरी कर ली थी। मात्र थ्रेशिंग का कार्य शेष रहा गया था। लेकिन, बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। पशु चारा भी खराब हो गया है। जिले में 90 फीसदी फसल अभी खेतों में ही पड़ी होने से 60 फीसदी हानि होने का अनुमान है। मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिन बारिश के आसार बताने पर किसान और परेशान हो गए हैं। किसानों ने राज्य सरकार से नुकसान की भरपाई की मांग की है।