- बरठीं क्षेत्र में तंबू गाड़कर दवा बेचने का कार्य कर रहे प्रवासी
-लोगों ने प्रशासन से उठाई कार्रवाई करने की मांग
मंगल ठाकुर
बरठीं (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता के बरठीं, शेर समोह, सुन्हाणी सहित अन्य क्षेत्रों के लोग झोला छाप डॉक्टरों से परेशान हैं। प्रशासन की नाक तले बाहरी राज्यों से आए बिना डिग्री के कुछ लोग सड़क किनारे व गांवों में अपना तंबू गाड़कर लोगों को गुमराह कर बीमारियों को ठीक करने की एवज में मोटी रकम ऐंठ रहे हैं।
यह प्रवासी लोग विभिन्न बीमारियों के ठीक होने की लोगों को गारंटी भी दे रहे हैं। इसके चलते लोग भी उनके चंगुल में फंस जाते हैं। अपनी दवाइयों का गोरखधंधा कर कुछ दिनों बाद वह उस स्थान से रफूचक्कर होकर दूसरी जगह तंबू गाड़कर अपना धंधा शुरू कर देते हैं। बिना डिग्री के इन डॉक्टरों पर प्रशासन की तरफ से भी कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा रही है। इस कारण यह लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करते आ रहे हैं। बाहरी राज्यों से आए प्रवासी बीमारी को ठीक करने के बहाने से कई प्रकार की अवैध दवाइयां बेच रहे हैं। स्थानीय जनता ने सरकार व प्रशासन से झोला छाप व बिना डिग्री के डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासी विश्वनाथ, प्रवीण, नरेश कुमार, विजय सिंह, रत्न लाल, अनिल कुमार, विशाल ठाकुर, पवन कुमार, कृष्ण चंद, सुशील कुमार, प्यारे लाल, राजेश कुमार, बलदेव दास सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि घुमारवीं से शाहतलाई व झंडूता से पनौल तक इन झोला छाप डाक्टरों को कुछ जड़ी बूटियां व अन्य दवाइयों को बेचते हुए देखा जा सकता है। कई जीवन रक्षक कंपनियों के नाम से दवाइयों को बेचने का धंधा जिले के कई शहरों व बाजारों में चल रहा है। सड़क किनारे डेरा डालकर कई असाध्य बीमारियों को ठीक करने का दावा कर बिना डिग्री के यह झोलाछाप डॉक्टर लोगों को लूट रहे हैं। उधर नागरिक अस्पताल बरठीं के प्रभारी डॉ. अरविंद टंडन ने लोगों से आग्रह किया कि वह झोला छाप डॉक्टरों के बहकावे में न आएं और सरकारी अस्पताल व मान्यता प्राप्त डॉक्टर से ही इलाज करवाएं। कहा कि इस तरह के फर्जी डॉक्टरों पर शिकंजा कसा जाएगा। संवाद