बिलासपुर में सामाजिक न्याय विभाग की बैठक में अल्पसंख्यक परिवारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी न मिल पाने की समस्या उठी। उपायुक्त ने विभागों को जागरूकता अभियान तेज करने और लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचाने के निर्देश दिए।
जानकारी के अभाव में पात्र लोग लाभ से रह जाते हैं वंचित
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अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 15 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित
2025-26 में 249 अल्पसंख्यक परिवारों को दिए गए हैं जॉब कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बचत भवन बिलासपुर में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई। उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि प्रदेश व केंद्र सरकार की ओर से अल्पसंख्यक समुदायों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी समय पर और व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाई जाए।
उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में पात्र लोग लाभ से वंचित रह जाते हैं, इसलिए सभी विभाग नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाएं। उपायुक्त ने बताया कि सरकार का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय को शिक्षा, आजीविका, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं से जोड़ना है। वर्तमान में अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में 15 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें 20 कार्यकर्ता और 13 सहायिकाएं तैनात हैं। 201 बच्चों का पंजीकरण किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में बेगम हजरत महल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना के तहत मेधावी छात्राओं को 5 हजार और 7 हजार रुपये तक की छात्रवृत्ति दी जा रही है। बताया कि आर्थिक व रोजगार योजनाओं में भी अल्पसंख्यक समुदाय को प्राथमिकता दी जा रही है। मनरेगा के तहत 2025-26 में 249 अल्पसंख्यक परिवारों को जॉब कार्ड दिए गए हैं, जिनमें 34 परिवारों को काम मिला है। मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना में 48, प्रधानमंत्री आवास योजना में 87 और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में 55 लाभार्थी अल्पसंख्यक समुदाय से हैं।
उन्होंने बताया कि राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना के तहत एक आवेदक को ई-टैक्सी के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी दी गई है। आईटीआई में इस वित्तीय वर्ष 33 छात्रों का पंजीकरण हुआ है, जिनमें से 6 की सफल प्लेसमेंट हो चुकी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 87 लाभार्थियों को पक्के मकान और 21 को शौचालय निर्माण का लाभ दिया गया है। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे अल्पसंख्यक समुदाय तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध ढंग से पहुंचाएं और जमीनी स्तर पर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करें।