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रेलवे के संकरे अंडरपास के विरोध में उतरे किसान, बंद कराया अंडरपास का निर्माण

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बिलासपुर (रामपुर)। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के तत्वावधान में किसानों ने रविवार को लालानगला पिपलिया अहला रेलवे क्रॉसिंग पर बनाए जा रहे संकरे अंडरपास के विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने रेलवे विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने पहुंचकर किसानों को आश्वासन दिया कि वह अधिकारियों से बात कर अंडरपास के निर्माण कार्य को बंद करा देंगे। किसानों के धरने को लेकर अंडरपास का निर्माण कार्य पूरे दिन बंद रहा।
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रविवार की सुबह करीब नौ बजे भारतीय किसान यूनियन टिकैत के वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष जगजीत सिंह गिल के नेतृत्व में क्षेत्र के पिपलिया अहला, लालानगला, कमुआ नगला, मुंडिया कलां, नारायन नगला, दनकरा, दनकरी, पृथ्वीपुर उर्फ चिड़ियाखेड़ा, पजैया, सुजानपुर, पिपलिया मिश्र आदि गांव के तमाम किसान रेलवे क्रॉसिंग पर एकत्र हुए। किसानों ने रेलवे विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया और दरियां बिछाकर धरना देना शुरूकर दिया। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश उपाध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू, उस्मान अली भी किसानों के बीच धरने पर पहुंच गए और अपना समर्थन देने की घोषणा की। किसानों ने अंडरपास का निर्माण कार्य को रुकवा दिया। दोपहर में राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख किसानों के बीच पहुंचे और बातचीत की। किसानों ने कहा कि रेलवे विभाग इतने नजदीक संकरे अंडरपास बना रहा है और उनके मुख्य मार्गों को बंद किया जा रहा है। जबकि, यह रास्ता बहुत ही महत्वपूर्ण है और केमरी में कोई भी समस्या आती है, तो यातायात के लिए इस रास्ते को बाईपास के रूप में प्रयोग किया जाता है। उनका कहना था कि रेलवे विभाग को अगर अंडरपास बनाना ही है तो प्रकाश, पानी निकासी आदि की व्यवस्थाओं युक्त बड़ा अंडरपास बनाया जाए, ताकि किसानों के कंबाइन, ट्रैक्टर ट्राली, ट्रक, स्कूली बसें आदि कृषि यंत्र आसानी से निकल सकें। राज्यमंत्री ने तुरंत ही जिलाधिकारी से फोन पर वार्ता की और कहा कि रेलवे विभाग के अधिकारियों को बुलाकर किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। डीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह शीघ्र ही रेलवे विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर किसानों की समस्याओं का निस्तारण करा देंगे। इसके बाद राज्यमंत्री आश्वासन देकर चले गए। उप जिलाधिकारी निरंकार सिंह, तहसीलदार सुनील कुमार, नायब तहसीलदार अमरपाल सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों से धरना खत्म करने को वार्ता करते रहे। मगर किसान नहीं मानें। किसानों का कहना था कि रेलवे विभाग जब तक अपनी निर्माण सामग्री मौके से नहीं उठाता है, तब तक उनका धरना समाप्त नहीं होगा। इस मौके पर कुलवीर सिंह, परमिंदर सिंह, सुखविंदर सिंह चीमा, सुरेंद्र सिंह, सौरव यदुवंशी, भूपेंद्र सिंह, जसवंत सिंह, प्यारे लाल, मोहम्मद इलियास, सलीम अहमद, बलजिंदर सिंह, आसिफ अली, कुलवंत सिंह, नत्था सिंह, जगजीत सिंह नंदा, छोटेलाल, गेंदन लाल, प्रिंस, संदीप सिंह आदि मुख्य थे।
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धरनास्थल पर पूरे दिन चलता रहा लंगर
बिलासपुर। किसानों का धरना शाम तक जारी रहा। इस दौरान किसान पूरे दिन धरना स्थल पर मौजूद लोगों व राहगीरों को चाय पानी और भोजन का लंगर छकाते रहे। किसानों का कहना था कि धरना जितने दिन भी चलता रहेगा। उतने दिन उनकी लंगर की सेवा भी चलती रहेगी।
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रेलवे अधिकारियों से भी वार्ता रही विफल
बिलासपुर। रविवार की दोपहर के बाद रेलवे विभाग के सेक्शन इंजीनियर अखिलेश कुमार भी रुद्रपुर से किसानों के बीच धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों ने उनका घेराव कर लिया। एसडीएम की मौजूदगी में हुई किसानों के साथ हुई वार्ता में इंजीनियर ने कहा कि फिलहाल निर्माण कार्य को रोक दिया गया है। अंडरपास न बनाने की बात को वह उच्चाधिकारियों को बताएंगे। उच्चाधिकारियों द्वारा जो भी निर्णय लिया जाएगा। आगामी कार्रवाई तभी हो सकेगी। किसानों ने साफ कहा कि जब तक विभाग अपनी मशीनरी निर्माण स्थल से उठाकर नहीं ले जाएंगे, तब तक उनका धरना दिनरात जारी रहेगा।
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